टीएनपी डेस्क (TNP DESK): महिलाओं को सोने से जितना प्यार है उतना शायद ही किसी और चीज से होगा. यहाँ तक की पुरुष भी यह मानते हैं की सोना यानि की गोल्ड में इन्वेस्ट करना काफी फाइडेमण्ड रहता है. पर इन दिनों सोने के भाव में आए उतार-चढ़ाव को लेकर लोग यह सोचने पर मजबूर हो गए हैं आखिर सोना खरीदने का सही समय कब है. क्या सोने के दामों में और गिरावट आएगी या आने वाले समय में इन दामों में उछाल आएगा, लोग इस उधेड़ बुन में थे ही की सोना कब लें उसी बीच एक नया बदलाव होने जा रहा है.
भारत में सोने पर टैक्स छूट से जुड़े नियमों में अहम परिवर्तन किया गया है. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) योजना के तहत सेकेंड्री मार्केट से बॉन्ड खरीदने वाले निवेशकों के लिए कर प्रावधान बदल गए हैं. अब मैच्योरिटी पूरी होने के बाद ऐसे निवेशकों को कैपिटल गेन टैक्स का लाभ नहीं मिलेगा.
अब तक नियम यह था कि SGB को मैच्योरिटी तक रखने पर कैपिटल गेन टैक्स नहीं देना पड़ता था. लेकिन नए बजट प्रावधान के अनुसार 1 अप्रैल 2026 से सेकेंड्री मार्केट में खरीदे गए SGB पर मैच्योरिटी के समय टैक्स देनदारी लागू होगी.
चार्टर्ड अकाउंटेंट नितिन कौशिक के मुताबिक टैक्स में छूट केवल उन निवेशकों को मिलेगी जिन्होंने SGB को प्राथमिक इश्यू में सीधे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के माध्यम से खरीदा है. ऐसे निवेशकों को मैच्योरिटी पर पूंजीगत लाभ पर कोई टैक्स नहीं देना होगा.
किसे क्या मिलेगा फायदा?
1. सीधे RBI से खरीदने वाले निवेशक
• 2.5% वार्षिक ब्याज
• मैच्योरिटी पर कैपिटल गेन टैक्स से पूरी छूट
2. सेकेंड्री मार्केट से खरीदने वाले निवेशक
• 2.5% सालाना ब्याज
• मैच्योरिटी पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स देनदारी
विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे ही बॉन्ड स्टॉक एक्सचेंज के जरिए या उपहार के रूप में किसी दूसरे व्यक्ति के पास ट्रांसफर होता है, टैक्स छूट का लाभ समाप्त हो जाता है. इस बदलाव के बाद निवेशकों को SGB में निवेश से पहले खरीद के स्रोत और टैक्स प्रभाव को ध्यान में रखकर निर्णय लेने की सलाह दी जा रही है.