TNP DESK- बंगाल के मुख्यमंत्री के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में सीबीआई की आठ सदस्य टीम एक्शन तेज कर दिया है. इस हत्याकांड के तार बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड से भी जुड़ा हुआ है. झारखंड के अधिकारियों को भी टीम में शामिल किया गया है. इस सनसनीखेज हत्याकांड में बिहार और उत्तर प्रदेश के शूटरों की गिरफ्तारी हो चुकी है. जानकारी के अनुसार इस मर्डर केस में जिस कार का प्रयोग हुआ है, वह कार झारखंड की बताई जा रही है. दरअसल, हत्याकांड में शामिल हत्यारे साक्ष्य छुपाने की कोशिश की , लेकिन एक टोल पर अपने यूपीआई अकाउंट से भुगतान किया और यही से पुलिस को लीड मिली।
हत्याकांड में बाइक और कार का किया गया है उपयोग
पुलिस ने बिहार और उत्तर प्रदेश में छापेमारी की और तीन शूटरों को अरेस्ट किया। हत्याकांड में कार और बाइक का इस्तेमाल किया गया था. बाइक का नंबर भी फर्जी लगाया गया था. उस नंबर की खोज में बंगाल पुलिस धनबाद के पाथरडीह भी पहुंची थी. लेकिन पता चला कि हत्याकांड में पाथरडीह की बाइक का फर्जी नंबर इस्तेमाल किया गया था. जो व्यक्ति बाइक का मालिक था, वह पहले बंगाल में कार्यरत था. लेकिन बाद में उसका स्थानांतरण पाथरडीह हो गया था. अपराधियों ने उनकी बाइक का फर्जी नंबर का इस्तेमाल किया। एक कार का भी प्रयोग किया गया. वह कार भी झारखंड की बताई जा रही है.
हत्याकांड के तार बंगाल, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश से जुड़े
जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, पता चल रहा है कि हत्याकांड के तार बंगाल, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश से जुड़ते जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि यह हत्याकांड "सुपारी किलिंग" हो सकती है. सुपारी की बड़ी रकम को लेकर भी चर्चा चल रही है. लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो रही है. कहा जा रहा है कि हत्या की साजिश एक महीना पहले से रची जा रही थी और इसके लिए "मैसेजिंग एप" का इस्तेमाल किया गया था. हालांकि इसकी कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं हो रही है. लेकिन सूत्र बता रहे हैं कि इस हत्याकांड की साजिश बहुत पहले रची गई थी. इस हत्याकांड के "मास्टरमाइंड" तक पहुंचने के लिए जांच एजेंसी कोशिश कर रही है. लेकिन इतना तो तय है कि जिस ढंग से हत्याकांड को अंजाम दिया गया है, उससे ऐसा लगता है कि किसी शातिर गिरोह को सुपारी देकर यह हत्या कराई गई है.
बिहार और यूपी से तीन को किया गया है अरेस्ट
अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. सीबीआई की अन्य राज्यों में भी छापेमारी चल रही है. सीबीआई अधिकारिक तौर पर अभी कुछ भी जानकारी साझा नहीं की है. अभी तक इस मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए है. इनमें राज सिंह का नाम प्रमुख बताया जा रहा है और वह यूपी के बलिया का रहने वाला है. वहीं अन्य दो आरोपी मयंक मिश्रा और विक्की मौर्य को बिहार के बक्सर से पकड़ा गया है. जांच एजेंसी भी यह मानकर चल रही है कि इस घटना को पेशेवर शूटरों ने अंजाम दिया है. अब जब जांच आगे बढ़ रही है तो मुख्य साजिशकर्ता के पकड़े जाने के बाद ही खुलासा हो पाएगा कि यह किसी निजी दुश्मनी का परिणाम है अथवा किसी राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा??

