कौन है कुख्यात प्रिंस गैंग का "थिंक टैंक" सैफी, कैसे अपराध की दुनिया में रखा कदम, जानिए पूरी कहानी

    कौन है कुख्यात प्रिंस गैंग का "थिंक टैंक" सैफी, कैसे अपराध की दुनिया में रखा कदम, जानिए पूरी कहानी

    टीएनपी डेस्क (TNP DESK): कुख्यात प्रिंस खान गिरोह का "थिंक टैंक" सैफ अब्बास नकवी उर्फ सैफी उर्फ मेजर की गिरफ्तारी केवल धनबाद ही नहीं, बल्कि झारखंड पुलिस के लिए भी बड़ी राहत वाली खबर है. धनबाद पुलिस इस काम में साइलेंटली लगी हुई थी. धनबाद से लेकर उत्तर प्रदेश तक लगातार दबाव बनाए हुए थी. उत्तर प्रदेश में सैफी का परिवार रहता है. रविवार को जैसे ही वह कोलकाता हवाई अड्डे पर दुबई से उतरा, तो टोह लगी धनबाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया और उसके बाद पूछताछ की है. दरअसल, सैफी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जौनपुर का रहने वाला है. उसका बचपन वासेपुर में बीता है. एक चाचा उसके मटकुरिया धनबाद में रहते हैं, जबकि दूसरे चाचा लखनऊ में रहते हैं. पिता भी उत्तर प्रदेश में ही रहते हैं. 

    पुलिस के पास सैफी के पूरे परिवार की कुंडली मौजूद है 

    वैसे, कहा जा रहा है कि धनबाद पुलिस के पास सैफी के पूरे परिवार की पूरी कुंडली उपलब्ध है और इस गिरफ्तारी में इस कुंडली में भी बड़ी भूमिका निभाई है. सूत्रों के अनुसार सैफी का अंग्रेजी जानना, तेज दिमाग का होना और डिजिटल मीडिया का ज्ञान रखना, उसे प्रिंस खान गिरोह तक खींच लाई और उसके बाद वह अपराध की दुनिया में कदम रखा, तो रखता ही चला गया. उसके ऊपर धनबाद सहित कई जगहों पर मुकदमे दर्ज है. इधर, सूत्र तो यह भी बता रहे हैं कि पिछले कुछ महीनो से सैफी, प्रिंस खान और गोपी खान से अलग होकर अपना पकड़ बनाने की कोशिश कर रहा था.  

    वीडियो मैसेज भेज कर 50 लाख से 2 करोड़ तक रंगदारी मांगता था

    वह वीडियो मैसेज भेज कर 50 लाख से 2 करोड़ तक रंगदारी मांगता था. इधर, यह भी कहा जा रहा है कि धनबाद पुलिस की लगातार कार्रवाई के बाद प्रिंस खान गैंग कमजोर पड़ गया है. हाल के दिनों में कई एनकाउंटर हुए, इसके बाद अपराधी अब गैंग से जुड़ने से परहेज कर रहे है. कई लोगों ने रंगदारी देना भी बंद कर दिया है. जिससे गैंग की आमदनी कम गई है और गैंग में बिखराव भी शुरू हो गया है. कहा तो यह भी जा रहा है कि सैफी अब अलग गैंग चल रहा था. सैफी की मां और बहन यूपी के जौनपुर में रहते है. सैफी रंगदारी का रुपए अपनी मां एवं बहन को भेजता था. इसकी जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने दबाव बढ़ाया, पुलिस के दबाव पर ही सैफी सरेंडर करने के लिए दुबई से भारत लौटा और कोलकाता में उसे गिरफ्तार कर लिया गया. बताया जाता है कि जमशेदपुर का कुख्यात अपराधी भानु मांझी सैफी का खास आदमी था. उसके जरिए ही उसने कई घटना को अंजाम दिलवाया था.



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