त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड के विधान सभा चुनाव के लिए तारीखों का एलान, मेघालय में सतारुढ़ गठबंधन के पांच विधायकों का इस्तीफा

    त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड के विधान सभा चुनाव के लिए तारीखों का एलान, मेघालय में सतारुढ़ गठबंधन के पांच विधायकों का इस्तीफा

    टीएनपी डेस्क(TNP DESK): चुनाव आयोग ने त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड विधान सभा उपचुनावों की घोषणा कर दी है. मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने इसकी जानकारी देते हुए बतलाया है कि त्रिपुरा में 16 फरवरी जबकि मेघालय और नागालैंड में 27 फरवरी को मतदान संपन्न होगा. लेकिन तीनों ही राज्यों में नतीजों की घोषणा दो मार्च को होगी.

    इस बीच बदलते घटनाक्रम में चुनाव के तारीखों की घोषणा होते ही सत्ता रुढ़ गठबंधन के पांच विधायकों ने अपना इस्तीफा दे दिया है, माना जा रहा है कि ये सभी सभी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (UDP) में शामिल होंगे. इस्तीफा देने वाले विधायकों में कैबिनेट मंत्री और हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (HSPDP) के विधायक रेनिक्टन लिंगदोह तोंगखर शामिल हैं. इसके साथ ही तृणमूल कांग्रेस के विधायक शीतलंग पाले, कांग्रेस के निलंबित विधायक मायरालबॉर्न सिएम और पीटी सावक्मी तथा निर्दलीय विधायक लम्बोर मालनगियांग शामिल हैं. सूत्रों ने दावा किया कि पांचों नेता यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (UDP) में शामिल होने वाले हैं.

    इस साल कुल नौ राज्यों में होना है विधान सभा का उपचुनाव

    इस साल कुल नौ राज्यों में विधान सभा का उपचुनाव होना है. इन नौ राज्यों में त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड के साथ ही राजस्थान, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और तेलांगना भी शामिल है. आशंका प्रकट की जा रही है कि केन्द्र संभावित रुप से जम्मु कश्मीर में चुनाव की घोषणा करवा सकती है.

    इन चुनाव परिणामों के आधार पर ही तय होगी 2024 की रुपरेखा

    इन नौ राज्यों में चुनाव परिणामों के आधार पर ही 2024 का महासमर की रुप रेखा बहुत तय होगी. यदि पिछले बार की बात करें तो त्रिपुरा को लेफ्ट का गढ़ माना जाता था, वहां आम रुप से दूसरे स्थान पर कांग्रेस रहती थी, लेकिन पिछले चुनाव में भाजपा ने दोनों को पीछे कर त्रिपुरा का किला का फतह करने में कामयाबी हासिल कर ली थी. जबकि राजस्थान, छत्तीसगढ, मध्यप्रदेश और कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार बनी थी. यद्धपि बाद में कर्नाटक और मध्यप्रदेश में भाजपा ने किसी प्रकार जोड़ तोड़ कर सरकार में वापसी कर ली थी. इसे भाजपा का करिश्मा माना गया था.

    कांग्रेस को दुहराना होगा अपना पुराना परर्फामेंस

    इस बार के चुनाव में कांग्रेस को अपने पुराने परर्फामेंस को दुहराना होगा, जबकि भाजपा के सामने कर्नाटक और मध्यप्रदेश में अपनी सरकार  को बचाने की चुनौती होगी. उसकी कोशिश राजस्थान और छतीसगढ़ में वापसी और त्रिपुरा का किला को अपने साथ बनाये रखने की होगी.

    रिपोर्ट: देवेन्द्र कुमार


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