गरीब तबके के बच्चों के लिए CM एक्सीलेंस स्कूल में दाखिले का सुनहरा अवसर, अभी से शुरू कर लें तैयारी, 16 फरवरी है आवेदन की आख़री तारीख


टीएनपी डेस्क (TNP DESK): अगर आप भी अपने बच्चे का दाखिला किसी अच्छे स्कूल में करना चाहते हैं, पर इस असमंजस में हैं कि कम खर्च में किस स्कूल में अपने बच्चों का दाखिला कराएँ तो यह खबर आपके बड़े काम की है.
दरअसल झारखंड सरकार के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए ‘सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ में नामांकन प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. प्रवेश स्तर की कक्षाओं बाल वाटिका और कक्षा 1 के लिए प्रत्येक स्कूल में 40-40 सीटें निर्धारित की गई हैं. सभी जिलों द्वारा 22 जनवरी 2026 तक नामांकन से संबंधित विज्ञापन जारी किया जाएगा. आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 16 फरवरी 2026 तय की गई है.
अभिभावक संबंधित स्कूल की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, वहीं जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय या स्कूल से ऑफलाइन आवेदन पत्र भी प्राप्त किए जा सकेंगे. नामांकन के लिए केवल उसी जिले के निवासी पात्र होंगे. चयन प्रक्रिया में स्कूल से 2 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी, इसके बाद 7 किलोमीटर तक के दायरे के बच्चों पर विचार किया जाएगा. बाल वाटिका के लिए 1 अप्रैल 2026 तक 5 वर्ष और कक्षा 1 के लिए 6 वर्ष की आयु पूर्ण होना अनिवार्य है. जिला स्तरीय आरक्षण नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा.
फिलहाल राज्य के छह प्रमुख सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में बाल वाटिका और कक्षा 1 में नामांकन होगा. इनमें पाकुड़ बालिका, खूंटी बालिका, धनबाद जिला स्कूल, चतरा जिला स्कूल, साहिबगंज बालिका और लातेहार बालिका विद्यालय शामिल हैं. संबंधित स्कूलों में उपलब्ध सीटों का विवरण विज्ञापन और सूचना पट पर प्रदर्शित किया जाएगा.
बताते चलें कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ के तहत राज्यभर में 80 स्कूलों का संचालन हो रहा है. राज्य के विभिन्न जिलों में इन उत्कृष्ट विद्यालयों की स्थापना की गई है, जिनमें रांची जिले को सबसे अधिक 5 स्कूल मिले हैं. वहीं बोकारो, चतरा, देवघर, धनबाद, गढ़वा, गोड्डा, जामताड़ा, खूंटी, कोडरमा, लोहरदगा, पाकुड़, पलामू, पूर्वी सिंहभूम और रामगढ़ को 3-3 स्कूल मिले हैं. दुमका, गिरिडीह, हजारीबाग, लातेहार, पश्चिमी सिंहभूम और साहिबगंज को 4-4 स्कूल आवंटित किए गए हैं. सरायकेला-खरसावां और सिमडेगा को भी 3-3 उत्कृष्ट विद्यालय मिले हैं.
हालांकि सरकार की योजना चरणबद्ध तरीके से कुल 4,496 सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस खोलने की है पर पहले चरण में 80 स्कूल सीबीएसई से मान्यता प्राप्त हैं. इन स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई होती है और इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर योग्य शिक्षकों की नियुक्ति तक विशेष ध्यान दिया जाता है. इन 80 सरकारी स्कूलों को उत्कृष्ट विद्यालय में बदलने का काम नवंबर 2021 में शुरू हुआ था.
इन स्कूलों में लैंग्वेज लैब, कंप्यूटर लैब, साइंस, मैथ्स लैब, आधुनिक पुस्तकालय और स्मार्ट क्लासरूम बनाए गए हैं. इसके साथ ही थ्रो बॉल, खो-खो, कबड्डी, वॉलीबॉल और बास्केटबॉल जैसे खेलों के लिए कोर्ट भी तैयार किए गए हैं. स्टाफ रूम, परीक्षा हॉल, रिकॉर्ड रूम, प्राचार्य कक्ष और स्टाफ कॉमन रूम जैसी सुविधाएं भी विकसित की गई हैं.
दिव्यांग बच्चों के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं. स्कूल परिसरों में दिव्यांग अनुकूल शौचालय, मेडिकल रूम, एनसीसी और स्काउट-गाइड की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. इन स्कूलों में कक्षा 1 से 12 तक की पढ़ाई होती है और प्रत्येक विद्यालय में 1000 से 1200 विद्यार्थियों के नामांकन की व्यवस्था है. नामांकन चयन परीक्षा के आधार पर किया जाएगा. स्कूल में हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में पढ़ाई होती है, लेकिन अंग्रेजी बोलने पर विशेष जोर दिया जाता है. इसके लिए स्पोकन इंग्लिश कोर्स और लैंग्वेज लैब की सुविधा दी गई है.
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