BIG BREAKING : कांग्रेस को बड़ा झटका, हार्दिक पटेल ने विधानसभा चुनाव से पहले दिया पार्टी से इस्तीफा


टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : गुजरात के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. दरअसल, कई दिनों तक नाराज रहने के बाद गुजरात प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हार्दिक पटेल ने पार्टी छोड़ दी है. उन्होंने इस्तीफा की घोषणा करने वाला जो ट्वीट किया है, उसमें गुजराती उद्योगपतियों का भी खूब पक्ष लिया है.
राहुल गांधी को भेजा इस्तीफा
गुजरात के कांग्रेस नेता हार्दिक पटेल ने आज राहुल गांधी को एक त्याग पत्र के साथ कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया. हार्दिक पटेल को 2019 में इंडियन नैशनल कांग्रेस पार्टी में लाया गया था. इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि गुजरात में कांग्रेस के लिए यह एक बड़ी हार है, जहां इस साल के अंत में चुनाव होने हैं. सूत्रों ने कहा कि हाई-प्रोफाइल नेता पिछले दो महीनों से भाजपा नेतृत्व के संपर्क में हैं और एक सप्ताह के भीतर उनकी सत्ताधारी पार्टी में शामिल होने की संभावना है. वहीं दो वर्षों में हार्दिक पटेल ने भी कई नेताओं की तरह कांग्रेस-से-बीजेपी के स्विच का जोरदार खंडन किया है.
कांग्रेस नेताओं की रुचि केवल फोन और सैंडविच में
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को हार्दिक पटेल के राहुल गांधी को भेजे गए इस्तीफे के पत्र से कई लोगों पर निशाना साधा गया, जो उनकी हालिया गुजरात यात्रा के दौरान उनसे अलग से नहीं मिले थे. उन्होंने कहा, "जब मैं शीर्ष नेताओं से मिला, तो वे गुजरात से संबंधित मुद्दों को सुनने के बजाय अपने मोबाइल फोन और अन्य मुद्दों से विचलित लग रहे थे." उन्होंने ट्वीट में लिखा, "गुजरात में वरिष्ठ नेता यात्रा के दौरान लोगों के साथ जुड़ने के बजाय यह सुनिश्चित करने में अधिक रुचि रखते हैं कि आने वाले नेताओं को उनके चिकन सैंडविच मिले या नहीं."
कांग्रेस को गुजरात में कोई दिलचस्पी नहीं
हार्दिक पटेल ने आगे कहा, "हमारे नेता विदेश में थे, जब उन्हें महत्वपूर्ण समय के दौरान भारत में जरूरत थी," सत्तारूढ़ भाजपा सहित आलोचकों द्वारा राहुल गांधी की आलोचना की गई. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व "गुजरात को पूरी तरह से नापसंद करती है और राज्य में काँग्रेस को कोई दिलचस्पी नहीं है", साथ ही कहा कि पार्टी को "लगभग हर राज्य में खारिज कर दिया गया है क्योंकि उनके पास लोगों को पेश करने के लिए कोई रोडमैप नहीं है." उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की राजनीति केवल सरकार द्वारा की जाने वाली हर चीज का विरोध करने तक सीमित है. उन्होंने कहा कि पार्टी नागरिकता संशोधन अधिनियम, माल और सेवा कर, अयोध्या मंदिर-मस्जिद मामले और अनुच्छेद 370 (जम्मू और कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संवैधानिक प्रावधान को खत्म करने) जैसे प्रमुख मुद्दों को हल करने में केवल "बाधा" डाली है.
कांग्रेस ने गुजरात के मुद्दों को कमजोर किया है
हार्दिक पटेल ने अपने ट्वीट में लिखा "आज गुजरात में हर कोई जानता है कि किस प्रकार कांग्रेस के बड़े नेताओं ने जान बूझ कर गुजरात की जनता के मुद्दे को कमजोर किया है. और इसके बदले में स्वयं बड़े आर्थिक फायदे उठाए हैं. राजनीतिक विचारधारा अलग हो सकती है, परंतु कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का इस प्रकार से बिक जाना प्रदेश की जनता के साथ बहुत बड़ा धोखा है."
रिपोर्ट : अशु शुक्ला, रांची डेस्क
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