ज्ञानवापी मस्जिद पर कोर्ट का फैसला आज, जानिए क्या है ज्ञानवापी मस्जिद से जुड़ा विवाद


टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : मंदिर-मस्जिद हमारे देश में हमेशा से ही विवाद का सबसे बड़ा कारण रहा है. इस विवाद को निपटाने के लिए बार-बार कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाता रहा है और कोर्ट ने हमेशा ही मध्यस्थता कर विवाद को सुलझाया भी है. इसका सबसे बड़ा उदाहरण अयोध्या की बाबरी मस्जिद और राम मंदिर विवाद है, जिसे सर्वोच्च न्यायालय के जरिए ही सुलझाया गया.
आज फिर से कोर्ट ऐसे ही विवाद का निपटारा करने वाला है और यह विवाद है ज्ञानवापी मस्जिद का. दरअसल, वाराणसी की स्थानीय कोर्ट में ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे से जुड़ा आज फैसला आने वाला है. फैसले में कोर्ट बताएगा कि मस्जिद के सर्वे के लिए नियुक्त एडवोकेट कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा को हटाया जाएगा या नहीं. साथ ही ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वे कब होगा, इस पर भी कोर्ट फैसला सुना सकता है. बता दें कि अंजुमन इंतजामियां मसाजिद कमेटी की तरफ से एडवोकेट कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा को हटाए जाने की मांग को लेकर याचिका दायर की गई थी. 3 दिन तक बहस चलने के बाद वाराणसी के सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर ने फैसला सुरक्षित रख लिया था.
क्या है मामला?
दरअसल, 5 महिलाओं ने याचिका दायर की थी और कोर्ट से शृंगार गौरी की रोज पूजा का अधिकार मांगा था. इस याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे का आदेश दिया था. इसके लिए कोर्ट ने एडवोकेट कमिश्नर भी नियुक्त किया था. मगर, सर्वे के दौरान मस्जिद में हंगामा हो गया और सर्वे नहीं हो पाया. इसके बाद मामला फिर से कोर्ट पहुंच गया.
ज्ञानवापी मस्जिद विवाद
दरअसल, ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर विवाद है कि मंदिर तोड़कर इस मस्जिद का निर्माण कराया गया है. इसी के तहत नए मंदिर के निर्माण और ज्ञानवापी परिसर में पूजा-पाठ करने के लिए 15 अक्टूबर 1991 को वाराणसी के सिविल जज की अदालत में याचिका दायर की गई थी. इस याचिका में विवादित स्थल को स्वयंभू विश्वेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर का अंश बताया गया. यह विवाद 1991 से चल रहा है मगर, इस पर आज तक सुनवाई शुरू नहीं हो सकी. बता दें कि काशी विश्वनाथ मंदिर के पास ही ज्ञानवापी मस्जिद स्थित है और ज्ञानवापी मस्जिद के नीचे 100 फीट ऊंची विशेश्वर का स्वयम्भू ज्योतिर्लिंग स्थापित होने का दावा किया जा रहा है. इसी को लेकर कोर्ट ने सर्वे का आदेश दिया था.
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