बिजली संकट : केंद्र ने लागू किया इमरजेंसी कानून, विदेशी कोयले से चलने वाले सभी बंद पॉवरप्लांट होंगे चालू


टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : देशभर में इस बार गर्मी रिकॉर्ड तोड़ रही है. तेज गर्मी के कारण बिजली की खपत भी बढ़ गई है. बिजली की इस बढ़ती मांग को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक इमरजेंसी कानून लागू किया है. इसके तहत केंद्र सरकार ने विदेशी कोयले से चलने वाले कुछ पॉवरप्लांट, जो पूरी तरह से बंद पड़े थे, उन्हें फिर से प्रोडक्शन शुरू करने का आदेश दिया है. सरकार के इस फैसले के बाद वे सभी पॉवरप्लांट अब बिजली उत्पादन कर सकते हैं जो कोयले की ऊंची अंतरराष्ट्रीय कीमतों के कारण प्रोडक्शन नहीं कर पा रहे थे.
कम से कम 10% कोयला इम्पोर्ट करने का निर्देश
केंद्र सरकार ने ये फैसला लेने से पहले सभी राज्यों और बिजली कंपनियों को पत्र लिखा था. इस पत्र के माध्यम से उर्जा मंत्रालय ने सभी राज्यों और बिजली कंपनियों को विदेशी कोयले से चलने वाले सभी पावर प्लांट्स को फुल कैपिसिटी के साथ चलाने के लिए कहा है. सरकार की मानें तो देश में बिजली की मांग में 20 फीसदी की वृद्धि हुई है. इसलिए केंद्र ने सभी राज्यों और घरेलू कोयले से चलने वाली कंपनियों को भी आवश्यकता का कम से कम 10 फीसदी कोयला इंपोर्ट करने का निर्देश दिया है.
6 सालों में बिजली की सबसे बुरी स्थिति
बता दें कि पिछले 6 सालों में देश अभी सबसे बुरे बिजली संकट से गुजर रहा है. इस कारण से कोयले की सप्लाई के लिए काफी कठिनाई का भी सामना करना पड़ रहा है. देश में 43 पर्सेन्ट से ज्यादा ऐसे प्लांट हैं जो विदेशी कोयले से चलते हैं और वे सभी अभी बंद पड़े हुए हैं. इन पॉवरप्लांट की क्षमता 17.6 गीगावाट (GW) है, जो पूरे कोयला बिजली क्षमता का 8.6% है.
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