‘तेजस्वी बिहार के मालिक नहीं हैं’, आखिर भूमि सुधार मंत्री राम सूरत राय ने ऐसा क्यों कहा?

    ‘तेजस्वी बिहार के मालिक नहीं हैं’, आखिर भूमि सुधार मंत्री राम सूरत राय ने ऐसा क्यों कहा?

    पटना (PATNA) :  समय पर जातीय जनगणना होगी. तेजस्वी बिहार के मालिक नहीं हैं, एक प्रतिनिधि हैं और विपक्ष के नेता हैं. तेजस्वी विपक्ष में है तो हमारे पक्ष में कभी नहीं बोलेंगे. विपक्षी को कभी पक्ष की बात अच्छी नहीं लगती है.  ये बातें बिहार सरकार के भूमि सुधार मंत्री राम सूरत राय ने  बुधवार को कही.

    मुख्यमंत्री की चिंता वाजिब है

    उन्होंने भू-माफियाओं के बारे में बयान देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी की चिंता वाजिब है. विगत 15 सालों से भू-माफियाओं के कारण परेशानी बढ़ रही है और सबसे बड़ी बात है कि सरकार के द्वारा विगत 10 वर्षों से सब डिजिटल हो रहा है. इससे सारी बीमारी का पर्दाफाश हो रहा है. बेईमान पकड़े जा रहे हैं. बहुत सारी ऐसी परिस्थितियां हैं जहां रिकॉर्ड में लोगों ने गड़बड़ की है. बेईमानी करके दूसरे की जमीन को अपने नाम पर करवा ली है. सारी समस्याओं को हम लोग अपने तरीके से दूर कर रहे हैं.

    वहीं उन्होंने कहा कि लोकतंत्र जाति से नहीं चलता, लोकतंत्र में सबका अधिकार है. 12 करोड़ लोगों की सेवा करने के लिए विपक्ष का नेता हो या सत्ता पक्ष का नेता, सभी को काम करना होगा. जनता किसी की बंधुआ नहीं होती है. नेता बंधुआ होता है और जनता जो फैसला करती है वह सर्वमान्य होता है. किसी एक के कह देने से कोई किसी का बंधुआ मजदूर नहीं होता.

     


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