बिहार में सार्वजनिक स्थानों पर सरस्वती पूजा की मनाही, कमाई सीजन फीका रहने से मूर्तिकार मायूस

    बिहार में सार्वजनिक स्थानों पर सरस्वती पूजा की मनाही, कमाई सीजन फीका रहने से मूर्तिकार मायूस

    पटना (PATNA) : पांच फरवरी को सरस्वती पूजा है. लगातार दूसरे साल सरस्वती पूजा पर बिहार में मूर्तिकारों के घर उदासी पसरी है. दरअसल राजधानी पटना सहित पूरे बिहार में कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए राज सरकार ने सभी स्कूल-कॉलेज और कोचिंग संस्थान को 6 फरवरी तक लॉक कर रखा है. सरकार ने सरस्वती पूजा को लेकर आदेश जारी किया है कि किसी भी सार्वजनिक स्थानों पर सरस्वती पूजा नहीं की जाएगी. लोग घरों में छोटी मूर्ति स्थापित करें. इस कारण मूर्ति बनाने वाले मूर्तिकार को इस साल भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है.

    फीका रहा कमाई का यह सीजन

    मूर्तिकारों का  कहना है कि इस साल भी हम लोग को स्थिति दयनीय है. पूंजी नहीं निकल पा रही है. द न्यूजपोस्ट से बात करते हुए एक मूर्तिकार केसी पाल ने कहा कि लगातार दूसरे साल  हमने कम मूर्तियां बनाई हैं. इनकी मांग भी कम है. बकौल केसी पाल, मां की प्रतिमा बनाने में मेहनत ज्यादा है. मूर्ति बनाने के बाद हम लोगों को ग्राहक से उसका का रेट  नहीं मिल पाता है. मूर्तिकार बताते हैं कि लगातार दूसरे साल स्कूल कॉलेज और कोचिंग शिक्षण संस्थान व होस्टलों में सरस्वती पूजा का आयोजन नहीं हो रहा. सरस्वती पूजा में मूर्ति का निर्माण कर हमारे कुछ महीनों के निवाला का इंतजाम हो जाता था. इस बार सरकार के आदेश के कारण यह सीजन फीका रहा.



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