विधायक के शराबी बेटे के अपहरण से रिहाई तक की पूरी कहानी, पढ़िए कैसे दिनभर परेशान रही रांची पुलिस

चतरा विधायक जनार्दन पासवान के बेटे सौरभ पासवान के कथित अपहरण मामले में रांची पुलिस ने उन्हें कुछ घंटों में सकुशल बरामद कर लिया. शुरुआती जांच में मामला अपहरण के बजाय शराब पीने के दौरान हुए विवाद और मारपीट का सामने आया है.

रांची (RANCHI): रांची पुलिस के लिए बीते सोमवार का दिन किसी फिल्म से कम नहीं था. मामला चतरा से लोजपा के विधायक जनार्दन पासवान के बेटे के अपहरण से जुड़ा था, जिसके पीछे कल का पूरा दिन रांची पुलिस के लिए भागम-भाग भरा रहा. हालांकि अगर बात विधायक के बेटे के अपहरण की होती तो मामला और ही होता, पर मामले में जैसे जैसे समय बीतता गया वैसे वैसे नए नए ट्विस्ट आते गए. अंततः विधायक का बेटा जिसने शराब पी रखी थी, उसे पुलिस ने खोज निकाला. पर मामले में उसके बाद जो खुलासे हुए, वह सचमुच चौकाने वाले थे. 

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दरअसल बीते 8 सितंबर को देर दोपहर यह खबर आई थी की विधायक जनार्दन पासवान के बेटे सौरव पासवान का अपहरण हो गया है. बताया गया कि रांची के नयासराय स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी के गेट के सामने से विधायक के बेटे को कुछ युवकों ने जमकर पीटा. उसके बाद जबरन उसे स्कॉर्पियो कार में बीठा कर अपने साथ ले गए. जैसे ही विधायक के बेटे सौरभ पासवान के कथित अपहरण की सूचना पुलिस तक पहुंची, रांची पुलिस के सामने चुनौती बढ़ गई. मामला एक मौजूदा विधायक के बेटे से जुड़ा था, इसलिए पुलिस ने इसे और भी ज्यादा गंभीरता से लिया. ऐसे में रांची सिटी एसपी पारस राणा के मुताबिक, विधायक जनार्दन पासवान ने खुद पुलिस को सूचना दी थी कि उनके बेटे को एमिटी यूनिवर्सिटी के बाहर से कुछ अज्ञात लोग कार में जबरन बैठाकर ले गए हैं. इधर सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल कई टीमों को अलग-अलग दिशाओं में रवाना किया और शहर के संभावित रास्तों पर नजर रखी गई. साथ ही संदिग्ध वाहन की तलाश शुरू कर दी गई, जिसके कुछ ही घंटों बाद पुलिस को सफलता मिली और विधानसभा थाना क्षेत्र की टीम ने सौरभ को सकुशल बरामद कर लिया.

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लेकिन सौरभ की बरामदगी के बाद कहानी ने नया मोड़ ले लिया. जिस घटना को शुरुआत में अपहरण के तौर पर देखा जा रहा था, पुलिस की शुरुआती जांच में उसकी तस्वीर कुछ अलग सामने आई. पुलिस के अनुसार, घटना से पहले एमिटी यूनिवर्सिटी के गेट के पास शराब पीने को लेकर कुछ युवकों के बीच विवाद हुआ था. इसी दौरान सौरभ पासवान और दूसरे युवकों के समूह के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई. पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, इसी विवाद के दौरान सौरभ के साथ मारपीट की गई. आरोप है कि इसके बाद कुछ युवक उन्हें जबरन स्कॉर्पियो में बैठाकर कुछ दूरी तक ले गए और फिर रास्ते में उतार दिया. इस घटनाक्रम के कारण शुरुआती तौर पर इसे अपहरण की घटना माना गया था. 

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साथ ही पुलिस ने मामले में कई युवकों को हिरासत में लिया है. घटनास्थल और पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच भी की जा रही है. पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी, मारपीट में कौन-कौन शामिल था और सौरभ को वाहन में बैठाकर ले जाने की परिस्थितियां क्या रही होगी. रांची सिटी एसपी पारस राणा ने साफ किया कि अब तक की जांच में मामला सीधे तौर पर अपहरण का नहीं, बल्कि आपसी विवाद और मारपीट का प्रतीत हो रहा है. हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा.