JPSC से लेकर JSSC तक खुली TDPL फाइल! अबतक कितनी परीक्षाओं का मिला जिम्मा और कौन-कौन सी परीक्षाएं जांच के घेरे में? जानिए

JPSC से लेकर JSSC तक खुली TDPL फाइल! अबतक कितनी परीक्षाओं का मिला जिम्मा और कौन-कौन सी परीक्षाएं जांच के घेरे में? जानिए

रांची (RANCHI): झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (PT) में कथित अनियमितताओं के खुलासे के  बाद अब परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) चर्चा का विषय बन गई है. लाखों अभ्यर्थियों के मन में इस एजेंसी को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं कि आखिर TDPL की नियुक्ति कब हुई, इसने अब तक कितनी परीक्षाओं का जिम्मा संभाला है और किन-किन परीक्षाओं पर अब जांच की आंच नजर आ रही है? 

ऐसे में एजेंसी की नियुक्ति की आधिकारिक तिथि सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन इतना स्पष्ट है कि इसे JPSC और JSSC की कई महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षाओं का जिम्मा दिया गया था. हालांकि एक पहलू यह भी है की झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने अपनी ओर से यह स्पष्ट किया है कि 20 मई 2025 को TDPL को सभी कार्यों से मुक्त कर दिया गया था और उसे गैर-सूचीबद्ध (De-listed) कर दिया गया. आयोग का कहना है कि इस तारीख के बाद आयोजित उसकी किसी भी परीक्षा में TDPL की कोई भूमिका नहीं रही. वहीं इसके बावजूद भी एजेंसी को लेकर विवाद इसलिए गहरा गया क्योंकि JPSC की परीक्षाओं में TDPL की भूमिका सामने आई और अब वही जांच के केंद्र में है.

दरअसल, JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच CID कर रही है. जांच के दौरान TDPL के निदेशक रामवीर सिंह समेत कंपनी के कर्मचारी उस्मान, एबाद, हेमंत वर्मा, प्रदीप कुमार सिंह, संजय कुमार और मार्केटिंग ऑफिसर अभय कुमार तिवारी से पूछताछ की गई है और इस मामले में कई लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है. ऐसे में जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि परीक्षा संचालन, डेटा प्रोसेसिंग और परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया में कहीं किसी प्रकार की हेराफेरी तो नहीं हुई.

इधर मिली जानकारी के अनुसार TDPL को कुल 15 महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षाओं का जिम्मा सौंपा गया था. इनमें JPSC की 10 और JSSC की 5 परीक्षाएं शामिल थीं. इनमें से कुछ परीक्षाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि कुछ भर्ती प्रक्रियाएं अभी भी लंबित या विवादों के कारण प्रभावित हैं.

JPSC की ये 10 परीक्षाएं TDPL के जिम्मे थीं
•    संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा (रेगुलर) 
•    संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा (बैकलॉग) 
•    संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (PT) 
•    सिविल जज (जूनियर डिवीजन) परीक्षा 
•    सहायक लोक अभियोजक (APP) बैकलॉग परीक्षा 
•    इंस्पेक्टर ऑफ फैक्ट्रीज भर्ती 
•    परियोजना प्रबंधक भर्ती परीक्षा 
•    सहायक लोक अभियोजक (रेगुलर) परीक्षा 
•    बॉयलर इंस्पेक्टर भर्ती 
•    झारखंड पात्रता परीक्षा (JET) 

JSSC की इन 5 परीक्षाओं से भी जुड़ा था नाम
•    झारखंड सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (JGGLCCE) 
•    झारखंड तकनीकी/विशिष्ट योग्यताधारी स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 
•    झारखंड फील्ड वर्कर प्रतियोगिता परीक्षा 
•    झारखंड वनरक्षक प्रतियोगिता परीक्षा 
•    झारखंड पीजीटी शिक्षक नियुक्ति परीक्षा 

बताते चलें कि JPSC के तत्कालीन अध्यक्ष एल. खियांग्ते का इस्तीफा भी पूरे विवाद के बाद चर्चा का विषय बन गया. फरवरी 2025 में अध्यक्ष बनने के बाद उनके कार्यकाल में आयोजित कई भर्ती परीक्षाओं पर सवाल उठे. सबसे बड़ा विवाद 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम को लेकर सामने आया, जिसमें OMR शीट, मेरिट लिस्ट और मूल्यांकन प्रक्रिया पर अभ्यर्थियों ने गंभीर आरोप लगाए. बाद में मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूरे मामले की जांच CID को सौंप दी गई. जांच शुरू होने के बाद CID और रांची पुलिस ने JPSC कार्यालय से कई डिजिटल रिकॉर्ड, हार्ड डिस्क और परीक्षा संबंधी दस्तावेज जब्त किए. इसी दौरान एल. खियांग्ते ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे विवाद और गहरा गया.

इन परीक्षाओं पर भी उठे सवाल
14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 
फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर भर्ती परीक्षा 
सहायक वन संरक्षक भर्ती 
झारखंड पात्रता परीक्षा (JET) 
परियोजना प्रबंधक भर्ती 
सिविल जज (जूनियर डिवीजन) भर्ती 
मेडिकल कॉलेज असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती 
सहायक लोक अभियोजक (APP) भर्ती 

फिलहाल CID पूरे मामले की जांच कर रही है. जांच का मुख्य फोकस यह है कि TDPL को परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी किस प्रक्रिया के तहत दी गई, परीक्षा संचालन और परिणाम तैयार करने में कहीं अनियमितता हुई या नहीं, और यदि हुई तो इसके लिए कौन-कौन जिम्मेदार हैं. दूसरी ओर JSSC ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि मई 2025 के बाद उसकी परीक्षाओं में TDPL की कोई भूमिका नहीं रही. ऐसे में अब लाखों अभ्यर्थियों की नजर CID की अंतिम रिपोर्ट और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी है.