PKL 2022 : क्यों और कैसे शुरू हुआ प्रो कब्बडी लीग, जानिए कब है 9वां सीजन, कितनी होती है कमाई

    PKL 2022 : क्यों और कैसे शुरू हुआ प्रो कब्बडी लीग, जानिए कब है 9वां सीजन, कितनी होती है कमाई

    टीएनपी डेस्क(TNP DESK): भारत में क्रिकेट काफी लोकप्रिय है. काफी बड़ी संख्या में लोग इसे देखते हैं. भारत में क्रिकेट के अलावा कोई और खेल उतना पसंद नहीं किया जाता है. इसके बावजूद प्रो कबड्डी लीग (Pro Kabaddi League) ने बहुत कम समय में अपनी अलग पहचान बनाई है, इसकी शुरुआत साल 2014 में हुई थी . जब प्रो कबड्डी लाने की चर्चा हो रही थी तब इसपर स्पॉन्सर पैसा नहीं लगाना चाहते थे. लेकिन अब प्रो कबड्डी किसी नाम और स्पॉन्सर की मोहताज नहीं है.

    बता दें कि प्रो कबड्डी लीग का 9वां सीजन 7 अक्टूबर, 2022 से शुरू होगा. वीवो प्रो कबड्डी लीग (Pro Kabaddi League) के आयोजक मशाल स्पोर्ट्स ने सीजन 9 के पहले हाफ के कार्यक्रम की घोषणा तक कर दी है. सीजन का आगाज 7 अक्टूबर को बेंगलुरु (Bengaluru) के श्री कांटेरावा इंडोर स्टेडियम (Shree Kanteerava Indoor Stadium) से होगा. वहीं, अगला चरण 28 अक्टूबर को बालेवाड़ी पुणे में होगा, जो श्री शिवछत्रपति स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स ( Shivchhatrapati) में चलेगा.

    सीजन नौ के शुरुआती तीन दिन में ट्रिपल हेडर मैच होगा. इस सीजन के लिए फिलहाल 66 मैचों का शेड्यूल जारी किया गया है. सीजन के पहले 2 दिनों के अंतर प्रशंसकों को सभी 12 टीमों को एक मैच खेलते हुए देखने का मौका मिलेगा. बता दें कि सीजन 9 की शुरुआत सीजन 8 के रिटर्निंग चैंपियन दबंग दिल्ली और यू-मुंबा के बीच मुकाबले से 7 अक्टूबर को होगी.

    मैच से जुड़ी हर खबर   

    प्रो कबड्डी में सभी मैच 40 मिनट के होते हैं. पूरा खेल दो हॉफ में बांटा जाता है. एक हॉफ 20 मिनट का होता है. पहले हॉफ के बाद दोनों टीमें आपस में कोर्ट बदल लेती हैं. एक मैच में हर टीम अधिकतर पांच खिलाड़ियों को सब्स्टीट्यूट (बदल) कर सकती है. कबड्डी में भी अंपायर के फैसले को चुनौती देने का मौका मिलता है. मैच के दौरान दोनों टीमों के कप्तान के पास एक रिव्यू होता है. सही रिव्यू लेने पर अंपायर का फैसला बदल जाता है और टीम के पास रिव्यू बचा रहता है. वहीं, गलत रिव्यू लेने पर रिव्यू खत्म हो जाता है.

    अंतर्राष्ट्रीय कबड्डी से होता है अलग

    प्रो कबड्डी लीग में डू ऑर डाइ रेड (do or die raid) का नियम होता है, जबकि अंतर्राष्ट्रीय कबड्डी में ऐसा कोई नियम नहीं होता है. इसके अलावा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ी अपनी मर्जी के अनुसार जितनी चाहें उतनी खाली रेड कर सकते हैं. वहीं, प्रो कबड्डी लीग में रेडर को हर तीसरी रेड में अंक हासिल करना या आउट होना जरूरी होता है.

    सीजन के सबसे महंगे खिलाड़ी कौन 

    प्रो कबड्डी लीग के नौवें सीजन के सबसे महंगे खिलाड़ी बने रेडर पवन शेहरावत. उन्हें तमिल थलाईवाज की टीम ने 2.26 करोड़ की कीमत में खरीदा है. इसके साथ ही पवन प्रो कबड्डी लीग के इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी बन गए. पवन इस लीग में दो करोड़ से ज्यादा कीमत पर बिकने वाले पहले खिलाड़ी भी हैं.


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