टीएनपी डेस्क (TNP DESK): IPL2026 के बीच पंजाब किंग्स के सबसे तेज स्पिनर युजवेंद्र चहल एक नए विवाद में घिर चुके हैं सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में दिखाया गया है कि चल फ्लाइट के अंदर वेब यानी कि इस सिगरेट का इस्तेमाल कर रहे थे वीडियो में वह उसे छुपाने की कोशिश कर रहे थे.हालांकि अब तक इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही BCCI या किसी संबंधित एजेंसी ने इस पर कोई बयान जारी किया है.
बताया जा रहा है कि वायरल क्लिप भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह के पॉडकास्ट से जुड़ा हो सकता है. वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है. कई लोग खिलाड़ियों के व्यवहार और IPL में अनुशासन को लेकर सवाल उठा रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स वीडियो की प्रामाणिकता पर भी शक जता रहे हैं.
इस पूरे मामले पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि भारत में वेप पूरी तरह प्रतिबंधित है और अगर किसी ने ऐसा किया है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सिर्फ जुर्माना लगाना काफी नहीं है, बल्कि कानून का पालन हर किसी के लिए समान होना चाहिए. साथ ही उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि अगर यही गलती कोई आम नागरिक करता तो उसके खिलाफ क्या कार्रवाई होती.
विवाद के बीच सोशल मीडिया पर एक और चर्चा शुरू हो गई है. कुछ पोस्ट में दावा किया गया कि अर्शदीप सिंह को टीम से जुड़े व्लॉग बनाने से रोक दिया गया, जबकि चहल को केवल चेतावनी देकर छोड़ दिया गया. हालांकि इन दावों की भी अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब हाल ही में राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग भी ई-सिगरेट विवाद को लेकर चर्चा में आए थे. रियान पराग का एक वीडियो ड्रेसिंग रूम से वायरल हुआ था, जिसमें वह कथित तौर पर ई-सिगरेट का इस्तेमाल करते दिखाई दिए थे. उस मामले में उन पर मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया था, लेकिन किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया गया.
लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों के बाद BCCI ने IPL टीमों और खिलाड़ियों के लिए नियम और सख्त कर दिए हैं. बोर्ड की ओर से साफ निर्देश जारी किए गए हैं कि ई-सिगरेट और किसी भी तरह के प्रतिबंधित पदार्थ का इस्तेमाल IPL वेन्यू, ड्रेसिंग रूम, डगआउट, टीम होटल और प्रैक्टिस एरिया में पूरी तरह बैन रहेगा. BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि खिलाड़ियों को लीग की गरिमा बनाए रखनी होगी और नियमों का सख्ती से पालन करना होगा.वहीं दूसरी ओर चीन ने एल्युमीनियम, तांबा और दूसरी धातुओं के निर्यात में तेजी लाई है. वैश्विक बाजार में चीन इन धातुओं का बड़ा निर्यातक बन चुका है और ऊर्जा संकट के बीच वह मैन्युफैक्चरिंग और मेटल सेक्टर के जरिए अपनी आर्थिक स्थिति को संतुलित रखने की कोशिश कर रहा है.

