तेजप्रताप की उम्मीदवार की गिरफ़्तारी,बांकीपुर में बढ़ी सियासी हलचल  

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Digital News Desk • July 13, 2026

पटना राजधानी में उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई जब जनशक्ति जनता दल की उम्मीदवार वीणा मानवी को नामांकन दाखिल करने के बाद पुलिस ने हिरासत में ले लिया. जानकारी के अनुसार, पटना पुलिस की टीम नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मौके पर पहुंची और वीणा मानवी को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई. गिरफ्तारी के दौरान वहां मौजूद समर्थकों ने विरोध जताया, जिससे कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया.

पटना (BIHAR) : राजधानी में उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई जब जनशक्ति जनता दल की उम्मीदवार वीणा मानवी को नामांकन दाखिल करने के बाद पुलिस ने हिरासत में ले लिया. जानकारी के अनुसार, पटना पुलिस की टीम नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मौके पर पहुंची और वीणा मानवी को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई. गिरफ्तारी के दौरान वहां मौजूद समर्थकों ने विरोध जताया, जिससे कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया.

बढ़ती लोकप्रियता से घबरा गई है BJP

गिरफ्तारी के दौरान वीणा मानवी ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की जा रही है. उनका कहना है कि भारतीय जनता पार्टी उनकी बढ़ती लोकप्रियता से घबरा गई है और इसी वजह से उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार को इस तरह गिरफ्तार करना लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है.

तेज प्रताप यादव ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी

उधर, इस पूरे मामले पर जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी की उम्मीदवार को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है. तेज प्रताप यादव का आरोप है कि उनकी पार्टी को जनता का समर्थन मिल रहा है, जिससे विरोधी दल घबराए हुए हैं. उन्होंने कहा कि लोकप्रियता से परेशान होकर षड्यंत्र रचा जा रहा है और लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किया जा रहा है.

तेज प्रताप यादव ने कहा कि उनकी पार्टी इस कार्रवाई का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेगी और जनता के बीच पूरे मामले को लेकर जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि कानून का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के रूप में नहीं होना चाहिए.

कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया

फिलहाल पुलिस की ओर से गिरफ्तारी के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. वहीं, इस कार्रवाई के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. अब सभी की नजर पुलिस के आधिकारिक बयान और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर टिकी हुई है. साथ ही यह मामला आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की राजनीति में नया मुद्दा बन सकता है.