WPL का मिनी ऑक्शन आज, 146 खिलाड़ियों पर लगेगी बोली

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Digital News Desk • October 28, 2026

टीएनपी डेस्क(TNP DESK): विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) के मिनी ऑक्शन में आज क्रिकेट फैंस की नजरें पांचों फ्रेंचाइजी पर रहेंगी. ऑक्शन में कुल 146 खिलाड़ियों पर बोली लगाई जाएगी. सभी टीमें अपनी जरूरत के हिसाब से खिलाड़ियों को खरीदकर टीम को मजबूत करने की कोशिश करेंगी. किसी टीम को अच्छे बल्लेबाज की तलाश है, तो किसी की नजर ऑलराउंडर और गेंदबाजों पर होगी. ऐसे में ऑक्शन के दौरान खिलाड़ियों पर लगने वाली बोली काफी दिलचस्प रहने वाली है.

टीएनपी डेस्क(TNP DESK): विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) के मिनी ऑक्शन में आज क्रिकेट फैंस की नजरें पांचों फ्रेंचाइजी पर रहेंगी. ऑक्शन में कुल 146 खिलाड़ियों पर बोली लगाई जाएगी. सभी टीमें अपनी जरूरत के हिसाब से खिलाड़ियों को खरीदकर टीम को मजबूत करने की कोशिश करेंगी. किसी टीम को अच्छे बल्लेबाज की तलाश है, तो किसी की नजर ऑलराउंडर और गेंदबाजों पर होगी. ऐसे में ऑक्शन के दौरान खिलाड़ियों पर लगने वाली बोली काफी दिलचस्प रहने वाली है.

146 खिलाड़ियों में 119 भारतीय

इस ऑक्शन के लिए कुल 146 खिलाड़ियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है. इनमें 119 भारतीय और 27 विदेशी खिलाड़ी शामिल हैं. हालांकि, सभी खिलाड़ियों को टीम में जगह नहीं मिलेगी. फ्रेंचाइजी को कुल 27 खाली स्लॉट भरने हैं. ऐसे में खिलाड़ियों के प्रदर्शन, अनुभव और टीम की जरूरत के आधार पर बोली लगाई जाएगी.

यूपी वॉरियर्स के पास सबसे ज्यादा पैसा

ऑक्शन में यूपी वॉरियर्स सबसे ज्यादा रकम के साथ उतरेगी. टीम के पास 3.75 करोड़ रुपये का पर्स है. इस रकम के साथ वह अपनी टीम की कमजोरियों को दूर करने और नए खिलाड़ियों को मौका देने की कोशिश करेगी. वहीं, बाकी टीमों को सीमित बजट में अपने खाली स्लॉट भरने होंगे. ऐसे में फ्रेंचाइजी के लिए सही खिलाड़ी चुनना अहम होगा.

इन 6 खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरें

ऑक्शन में सोफी मोलिन्यू, सोफिया डंकले, जी कमलिनी, स्नेह राणा, तेजल हसबनीस और ग्रेस हैरिस जैसे खिलाड़ियों पर नजरें रहेंगी. इन खिलाड़ियों का अनुभव और प्रदर्शन फ्रेंचाइजी के फैसलों को प्रभावित कर सकता है. हालांकि, किस खिलाड़ी पर कितनी बोली लगेगी, यह टीमों की जरूरत और उपलब्ध बजट पर निर्भर करेगा.

टीमों की रणनीति पर रहेगी नजर

मिनी ऑक्शन में हर फ्रेंचाइजी की कोशिश अपनी टीम को बैलेन्स्ड बनाने की होगी. कुछ टीमें अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा जता सकती हैं, जबकि कुछ युवा प्रतिभाओं को मौका देने की रणनीति अपना सकती हैं. अब देखना होगा कि ऑक्शन के बाद किस टीम की जरूरतें पूरी होती हैं और कौन-से खिलाड़ी नई फ्रेंचाइजी के साथ जुड़ते हैं.