त्योहार से पहले महंगाई बनी डायन,चीनी की आसमान छु रही कीमत

THENEWSPOST
THENEWSPOST

Digital News Desk • August 22, 2026

 रक्षाबंधन और तीज जैसे प्रमुख त्योहारों के आने से पहले ही महंगाई ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. त्योहारों के दौरान घरों में मिठाइयां, पकवान और पूजा की तैयारियां बड़े स्तर पर होती हैं, लेकिन इस बार कई जरूरी सामानों की कीमत बढ़ने से त्योहार का बजट बिगड़ता नजर आ रहा है. झारखंड के बाजारों में चीनी, गुड़, खाद्य तेल, फल, ड्राई फ्रूट्स और पूजा सामग्री के दामों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है.

रांची (RANCHI): रक्षाबंधन और तीज जैसे प्रमुख त्योहारों के आने से पहले ही महंगाई ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. त्योहारों के दौरान घरों में मिठाइयां, पकवान और पूजा की तैयारियां बड़े स्तर पर होती हैं, लेकिन इस बार कई जरूरी सामानों की कीमत बढ़ने से त्योहार का बजट बिगड़ता नजर आ रहा है. झारखंड के बाजारों में चीनी, गुड़, खाद्य तेल, फल, ड्राई फ्रूट्स और पूजा सामग्री के दामों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है.

चीनी और गुड़ की कीमत में बड़ा उछाल

त्योहारों में मिठाई और पकवान बनाने के लिए चीनी सबसे जरूरी सामानों में शामिल है. इसकी कीमत में इस बार काफी अंतर देखने को मिल रहा है. पहले करीब 44 रुपये प्रति किलो मिलने वाली चीनी अब बढ़कर लगभग 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है. इसी तरह गुड़ की कीमत भी करीब 45 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 70 रुपये प्रति किलो हो गई है.

रक्षाबंधन और तीज के दौरान मिठाई और पारंपरिक पकवानों की मांग बढ़ने वाली है. ऐसे में चीनी और गुड़ के बढ़े दाम का असर सीधे घर के बजट पर पड़ सकता है.

मिठाई बनाने में इस्तेमाल होने वाले घी और खाद्य तेल की कीमतों में भी इजाफा हुआ है. सनफ्लावर ऑयल की कीमत करीब 148 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 164.19 रुपये प्रति किलो हो गई है. वहीं पाम ऑयल 130 रुपये प्रति किलो से बढ़कर करीब 148 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है.

सरसों तेल की कीमत में भी बढ़ोतरी हुई है. पहले करीब 183 रुपये प्रति किलो मिलने वाला सरसों तेल अब लगभग 196.44 रुपये प्रति किलो हो गया है. तेल के दाम बढ़ने से घर में बनने वाली मिठाइयों और पकवानों की लागत बढ़ने के साथ बाजार की मिठाइयों पर भी इसका असर पड़ सकता है.

फलों की कीमतों ने भी बढ़ाई परेशानी

त्योहारों में पूजा-पाठ और मेहमानों के स्वागत के लिए फलों की खरीदारी बढ़ जाती है. ऐसे में फलों की बढ़ी कीमतें लोगों के लिए अतिरिक्त परेशानी बन रही हैं.

सेब की कीमत पहले करीब 100 से 120 रुपये प्रति किलो थी, जो अब बढ़कर 180 से 200 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है. केला पहले करीब 60 रुपये दर्जन मिलता था, जिसकी कीमत अब लगभग 70 रुपये दर्जन हो गई है.

अनार की कीमत भी 160 रुपये प्रति किलो से बढ़कर करीब 180 रुपये प्रति किलो हो गई है. संतरा 60 रुपये प्रति किलो से बढ़कर लगभग 80 रुपये प्रति किलो और मौसमी 100 रुपये प्रति किलो से बढ़कर करीब 120 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है.

ड्राई फ्रूट्स भी हुए महंगे

त्योहारों की मिठाइयों और पकवानों में ड्राई फ्रूट्स का इस्तेमाल खूब होता है. इसके अलावा रक्षाबंधन पर कई लोग ड्राई फ्रूट्स को गिफ्ट पैक के तौर पर भी खरीदते हैं. लेकिन इस बार इनके दाम भी जेब पर भारी पड़ रहे हैं.

काजू की कीमत करीब 850 से 1000 रुपये प्रति किलो के बीच बताई जा रही है. वहीं बादाम की कीमत लगभग 700 से 900 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है. कीमतों में बढ़ोतरी के कारण ड्राई फ्रूट्स की खरीदारी करने वाले लोगों को भी पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है.

पूजा सामग्री के दाम भी बढ़े

त्योहारों में सिर्फ खाने-पीने की चीजें ही महंगी नहीं हुई हैं, बल्कि पूजा सामग्री के दामों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. फूल, फूलों की माला और हवन सामग्री जैसी चीजों की कीमतों में भी इजाफा हुआ है.

तीज के दौरान पूजा-पाठ के लिए इन सामानों की मांग काफी बढ़ जाती है. रक्षाबंधन में भी घरों में पूजा और अन्य धार्मिक परंपराओं के लिए जरूरी सामग्री खरीदी जाती है. ऐसे में बढ़े हुए दाम त्योहार के खर्च को और बढ़ा रहे हैं.

झारखंड में त्योहारों की खरीदारी पर असर

झारखंड में तीज और रक्षाबंधन दोनों ही महत्वपूर्ण त्योहार हैं. तीज के दौरान महिलाएं पूजा और व्रत से जुड़ी सामग्री खरीदती हैं, जबकि रक्षाबंधन पर मिठाई, फल और अन्य सामानों की खरीदारी होती है. त्योहार नजदीक आने के साथ बाजारों में चहल-पहल बढ़ रही है, लेकिन महंगाई के कारण लोगों को खरीदारी में बजट का विशेष ध्यान रखना पड़ रहा है.

चीनी और गुड़ से लेकर तेल, फल, ड्राई फ्रूट्स और पूजा सामग्री तक, कई चीजों की कीमत बढ़ने से इस बार त्योहार मनाने का खर्च बढ़ता नजर आ रहा है. आम परिवारों के लिए चुनौती यह है कि जरूरी सामान भी खरीदना है और बजट को भी संभालकर रखना है. अब त्योहारों के दौरान बाजार में कीमतें और बढ़ती हैं या स्थिर रहती हैं, इस पर लोगों की नजर बनी हुई है.