टीएनपी डेस्क(TNP DESK): दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को SIR के विरोध में INDIA गठबंधन की बड़ी रैली होने जा रही है. इस रैली में देशभर की 20 से ज्यादा विपक्षी पार्टियों के नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे. कांग्रेस का दावा है कि रैली में करीब 10 लाख लोग पहुंचेंगे. मैदान में सुबह से ही लोगों का आना शुरू हो गया है और कुर्सियां भी लगभग भर चुकी हैं. रैली को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं.
राहुल गांधी और खरगे समेत कई बड़े नेता करेंगे संबोधित
इस रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत कई बड़े नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है. रैली के जरिए विपक्ष SIR का विरोध करेगा और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाएगा.
पिछले 25 दिनों में यह सातवां मौका है, जब विपक्षी दल इस मुद्दे पर एक साथ आए हैं. इससे पहले 6 से 13 अक्टूबर के बीच भी इस मामले को लेकर छह बार प्रदर्शन हो चुके हैं.
कारोबारियों ने जताई आर्थिक नुकसान की चिंता
दूसरी तरफ, दिल्ली के कारोबारी संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने रैली से कारोबार और ट्रांसपोर्ट पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता जताई है. संगठन के चेयरमैन बृजेश गोयल ने राहुल गांधी को चिट्ठी लिखकर कहा है कि रैली के कारण करीब ढाई लाख दुकानें बंद रह सकती हैं. साथ ही 10 किलोमीटर के दायरे में ट्रांसपोर्ट सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं.
CTI का अनुमान है कि इससे दिल्ली के कारोबार को 10 से 12 हजार करोड़ रुपये तक का नुकसान हो सकता है. संगठन ने इस संबंध में राहुल गांधी को चौथी बार चिट्ठी लिखी है.
झारखंड से भी बड़ी संख्या में पहुंचेंगे नेता और कार्यकर्ता
दिल्ली की इस रैली में झारखंड से भी INDIA गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की तैयारी है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के भी रैली में पहुंचने की उम्मीद है. झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से राज्यसभा सांसद महुआ माजी और पार्टी के दूसरे नेता शामिल हो सकते हैं.
वहीं, कांग्रेस की तरफ से प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की और वरिष्ठ नेता बंधु तिर्की समेत कई नेताओं के दिल्ली पहुंचने की तैयारी है. पार्टी के विधायक, पदाधिकारी और अलग-अलग जिलों के कार्यकर्ता भी रैली में हिस्सा लेंगे.
झारखंड में गठबंधन के सहयोगी राष्ट्रीय जनता दल ने भी अपने कार्यकर्ताओं को दिल्ली भेजने की तैयारी की है. पार्टी ने करीब 10 हजार कार्यकर्ताओं को रैली में शामिल करने का लक्ष्य रखा है. इसके अलावा आदिवासी और दूसरे सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों के भी पहुंचने की संभावना है.
कई राज्यों के विपक्षी दल होंगे शामिल
इस रैली में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों के नेता शामिल हो सकते हैं. उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ने इसे लोकतंत्र और संविधान बचाने की लड़ाई बताया है. उन्होंने दावा किया कि जनता आने वाले चुनावों में बीजेपी को जवाब देगी.
अब सभी की नजरें रामलीला मैदान पर टिकी हैं, जहां विपक्षी दल SIR के मुद्दे पर अपनी एकजुटता दिखाने और केंद्र सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश करेंगे.
