टीएनपी डेस्क: झारखंड के छात्र आंदोलन की चर्चा पूरे देश में है. रांची के छात्र आंदोलन का देश के कोने-कोने में उदाहरण भी दिया जा रहा है. छात्रों के धैर्य की तारीफ़ भी की जा रही है. इस बीच एक चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि गुरुवार को अस्पताल में भर्ती आंदोलनकारी देवेंद्र नाथ महतो ने अस्पताल से ही एक वीडियो संदेश जारी किया है. उन्होंने कहा है कि कुछ लोग इस आंदोलन को भटकाना चाहते हैं, आंदोलन को तोड़ना चाहते है. समय आने पर मैं इन सब का खुलासा करूँगा। इस बीच उन्होंने छात्रों से आंदोलन पर डटे रहने का अनुरोध किया है. साथ ही प्रशासन से डिमांड किया है कि उन्हें आंदोलन स्थल जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पहुंचाया जाए.
सवाल उठता है कि आखिर कौन लोग हैं, जो आंदोलन को भटकाने की कोशिश कर रहे है. देवेंद्र नाथ महतो ने पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि 2 जुलाई से मैं अनशन पर हूं, 10 जुलाई को विधानसभा घेराव के दौरान लाठीचार्ज में उन्हें चोट लगी. उसके बाद उन्हें रांची के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उन्होंने उम्मीद जताई है कि वह जल्द आंदोलन स्थल पर आएंगे, अपने साथियों से धैर्य और मनोबल बनाए रखने की अपील की है. इस बीच पता चला है कि गुरुवार को छात्र युवा प्रतिनिधियों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया।
कहा कि JPSC-JSSC में कथित भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे “JPSC-JSSC भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती अभियान” के तहत अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे आंदोलनकारी छात्र नेता देवेन्द्र नाथ महतो वर्तमान में सदर अस्पताल, रांची में उपचाररत है. देवेन्द्र नाथ महतो को अस्पताल से पुनः जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित सत्याग्रह स्थल पर लाने की मांग को लेकर छात्र-युवा प्रतिनिधियों द्वारा प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता को मुकेश महतो, दीनबंधु मंडल एवं रामा अवतार महतो ने संबोधित किया। प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने कहा कि देवेन्द्र नाथ महतो वर्तमान में अस्पताल में उपचाराधीन है, लेकिन उनका संघर्ष और संकल्प सत्याग्रह स्थल पर आंदोलनरत छात्र-युवाओं के साथ है. उन्होंने अस्पताल से सत्याग्रह स्थल पर जाने की अनुमति के लिए संबंधित अस्पताल प्रशासन को लिखित आवेदन भी दिया है.
वक्ताओं ने कहा कि विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस लाठीचार्ज एवं धक्का-मुक्की के बाद देवेन्द्र नाथ महतो को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बावजूद उनकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी है. ऐसे में उनके साथी छात्र-युवा चाहते हैं कि चिकित्सकीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए उन्हें अपने साथियों के बीच सत्याग्रह स्थल पर आने की अनुमति दी जाए. मांग की गई कि चिकित्सकीय स्थिति एवं सक्षम चिकित्सक की सलाह के आधार पर देवेन्द्र नाथ महतो को सदर अस्पताल से सत्याग्रह स्थल पर आने की अनुमति दी जाए,उन्हें सत्याग्रह स्थल तक आने में प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक सहयोग एवं सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए, यदि प्रशासन उन्हें अस्पताल से सत्याग्रह स्थल पर आने से रोकता है, तो रोकने का स्पष्ट कारण, संबंधित आदेश तथा कानूनी/प्रशासनिक आधार लिखित रूप में उपलब्ध कराया जाए, यदि उन्हें चिकित्सकीय कारणों से रोका जाता है, तो संबंधित चिकित्सकीय सलाह/रिपोर्ट अथवा सक्षम चिकित्सा प्राधिकारी का स्पष्ट लिखित मत सार्वजनिक/उपलब्ध कराया जाए.
वक्ताओं ने कहा कि यह मांग केवल किसी एक व्यक्ति को आंदोलन स्थल पर लाने की नहीं है, बल्कि उन हजारों छात्र-युवाओं की भावना और विश्वास से जुड़ी है, जो JPSC-JSSC में पारदर्शिता एवं न्याय की मांग को लेकर शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक संघर्ष कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि “शरीर अस्पताल में है, लेकिन संघर्ष का संकल्प अडिग है”—यह केवल एक कथन नहीं, बल्कि आंदोलन के प्रति देवेन्द्र नाथ महतो की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। प्रेस वार्ता में छात्र-युवा प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से अपील की कि मामले को मानवीय, चिकित्सकीय एवं लोकतांत्रिक दृष्टिकोण से देखते हुए देवेन्द्र नाथ महतो को उचित चिकित्सकीय सलाह एवं सुरक्षा व्यवस्था के साथ सत्याग्रह स्थल पर आने की अनुमति प्रदान की जाए. वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि छात्र-युवाओं का आंदोलन शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा और झारखंडी छात्रों के सम्पूर्ण न्याय तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।
