रांची (RANCHI): झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर मंगलवार को रांची के मोरहाबादी स्थित उनके आवास में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. इस अवसर पर उनकी बड़ी बहू तथा भाजपा नेत्री सीता सोरेन ने परिवार के सदस्यों के साथ गुरुजी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए. श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उनकी बड़ी बेटी जयश्री सोरेन भी मौजूद रहीं. परिवार के सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर गुरुजी को नमन किया और उनके संघर्षपूर्ण जीवन तथा झारखंड के लिए दिए गए योगदान को याद किया.
श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद सीता सोरेन ने कहा कि शिबू सोरेन केवल उनके परिवार के मुखिया नहीं थे, बल्कि झारखंड के करोड़ों लोगों की उम्मीद, विश्वास और संघर्ष का प्रतीक थे. उन्होंने कहा कि गुरुजी ने अपना पूरा जीवन जल, जंगल और जमीन की रक्षा, आदिवासियों के अधिकारों तथा राज्य के लोगों के सम्मान और स्वाभिमान की लड़ाई में समर्पित कर दिया. उनके विचार, सादगी और जनसेवा का भाव आज भी समाज को प्रेरित करता है. सीता सोरेन ने कहा कि दिशोम गुरु की विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बनी रहेगी और उनके आदर्श हमेशा लोगों को समाजहित में काम करने की प्रेरणा देते रहेंगे.
सीता सोरेन ने भावुक होकर कहा कि गुरुजी की अनुपस्थिति आज भी परिवार को हर पल महसूस होती है. उनसे जुड़ी यादें, उनका स्नेह और उनका मार्गदर्शन हमेशा परिवार के साथ रहेगा. उन्होंने कहा कि गुरुजी के सपनों के अनुरूप झारखंड के विकास के लिए ईमानदारी से काम करना और उनके बताए रास्ते पर आगे बढ़ना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी. श्रद्धांजलि सभा के दौरान उपस्थित लोगों ने भी दिशोम गुरु के संघर्ष, त्याग और जनसेवा को याद करते हुए उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया.
