पलामू में सड़क बनी किसानों के परेशानी का सबब,खेत में जल जमाव से त्रस्त हो कर आंदोलन की दी चेतवानी

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Digital News Desk • July 23, 2026

 केन्द्रीय सड़क निधि से स्वीकृत सड़क निर्माण कार्य में जल निकासी की अनदेखी को लेकर ग्रामीणों व किसानों का आक्रोश अब बढ़ गया है. आहार का पानी एक ओर से दूसरी ओर नहीं जाने से एक ओर खेत पानी में डूबे हैं,जबकि दूसरी ओर सूखे पड़े हैं. मामला मोहम्मदगंज प्रखंड के भजनिया से होते हुए सहारविहरा, बरडीहा, पंसा, कोरियाडीह, अधौरा रानीदेवा, रजौंधा, कबरा कलां, कबरा खुर्द, परता, सलेमपुर, सजवन,चेचेरिया एवं हैदरनगर तक बन रही सड़क से जुड़ा है.

पलामू: केन्द्रीय सड़क निधि से स्वीकृत सड़क निर्माण कार्य में जल निकासी की अनदेखी को लेकर ग्रामीणों व किसानों का आक्रोश अब बढ़ गया है. आहार का पानी एक ओर से दूसरी ओर नहीं जाने से एक ओर खेत पानी में डूबे हैं,जबकि दूसरी ओर सूखे पड़े हैं. मामला मोहम्मदगंज प्रखंड के भजनिया से होते हुए सहारविहरा, बरडीहा, पंसा, कोरियाडीह, अधौरा रानीदेवा, रजौंधा, कबरा कलां, कबरा खुर्द, परता, सलेमपुर, सजवन,चेचेरिया एवं हैदरनगर तक बन रही सड़क से जुड़ा है.

गत माह ग्रामीणों व किसानों ने इस संबंध में उपायुक्त, पलामू को लिखित आवेदन देकर आरोप लगाया था कि सड़क निर्माण के दौरान संवेदक द्वारा मिट्टी भराई तो कर दी गई है, लेकिन कहीं भी जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई. इससे रजौंधा, कबरा कलां,परता, खारगड़ा,सलेमपुर,चचेरिया व आसपास के गांवों के एक ओर खेतों में पानी जमा होने लगा है.

किसानों का कहना है कि समय रहते जल निकासी की व्यवस्था को लेकर अभियंताओं से शिकायत की गई थी, मगर आज तक समाधान नहीं किया गया. जिससे सागर आहार, जूही आहर, चमरहरी आहर, अधौरा माइनर, केसलिया आहर और लंगड़ी आहर जैसे जलस्रोत प्रभावित हो गए हैं, जिससे फसलों को भारी नुकसान और सड़क भी जल्द क्षतिग्रस्त हो सकती है.ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में बिना मानक के गिट्टी-बालू का उपयोग, पर्याप्त पानी व मिश्रण के अभाव में किया जा रहा है. इससे सड़क की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं. संवेदक के साइड इंचार्ज द्वारा यह कहे जाने के बाद कि प्राक्कलन में जल निकासी का प्रावधान नहीं है, किसानों में नाराजगी और बढ़ गई थी. किसानों ने कार्यपालक अभियंता के समक्ष भी यह बात रखी थी, उन्होंने सिर्फ आश्वासन दिया,आज तक समाधान की दिशा में कुछ भी नहीं हो सका.

मामले की गंभीरता को देखते हुए पथ निर्माण विभाग छतरपुर डिवीजन के सहायक अभियंता ज्ञान प्रकाश ने गत माह कार्य स्थल का निरीक्षण किया था. उन्होंने प्रभावित किसानों से मुलाकात कर समस्याओं को चिन्हित किया और समाधान का भरोसा दिलाया था. सहायक अभियंता ने स्पष्ट रूप से कहा कि किसानों की मांग पूरी तरह जायज है और जल्द ही कनीय अभियंता को भेजकर जल निकासी समेत अन्य तकनीकी खामियों का समाधान कराया जाएगा.

चचेरिया के किसानों जोगेंद्र सिंह,अनिल सिंह, राजा सिंह, पंकज सिंह, उपेंद्र यादव,बसंत सिंह,हेमंत सिंह, राजेंद्र यादव आदि ने सहायक अभियंता से साफ शब्दों में कहा कि यदि मिट्टी कार्य के बाद भी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे काम बंद कराने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी पथ निर्माण विभाग की होगी.ग्रामीणों को उम्मीद थी कि अभियंताओं के द्वारा उनका समाधान हो जाएगा. अभियंताओं के हस्तक्षेप के बाद जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित होगी, बल्कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता में भी सुधार होगा, ताकि क्षेत्र को एक टिकाऊ और सुरक्षित सड़क मिल सके. मगर बरसात आने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो किसान आक्रोशित हो गए. उन्होंने एक जगह खुद निर्माणाधीन सड़क से मिट्टी हटा कर जल निकाशी की व्यवस्था की,जो नकाफी है. किसानों ने बताया कि सलेमपुर से उत्तर कोयल नहर के बीच चार जगह जल निकाशी की व्यवस्था आवश्यक है. वहीं अन्य स्थानों पर जहां जहां अगर पोखर हैं,वहां भी जल निकाशी जरूरी है.

 किसान जोगेंद्र सिंह ने बताया कि सड़क निर्माण कार्य करा रहे संवेदक के मुंशी के मुताबिक सड़क में कहीं जल निकाशी की व्यवस्था प्राक्कलन में नहीं है. जोगेंद्र सिंह ने कहा कि अगर सड़क में जल निकाशी की व्यवस्था नहीं की गई तो किसान आंदोलन करने को बाध्य होंगे. जरूरत पड़ी तो सड़क को काट कर जल निकासी कर दिया जाएगा. मौके पर दर्जनों किसानों ने बताया कि सड़क निर्माण का प्राक्कलन बनाने वाले अभियंताओं पर सरकार को कार्रवाई करना चाहिए. उन्होंने बताया कि कोई ऐसी सड़क नहीं बनती है,जिसमें एक ओर से दूसरी ओर जल निकाशी की व्यवस्था न होती हो.