JSSC CGL पेपर लीक में बड़ा अपडेट: अभय तिवारी की रिमांड 3 दिन बढ़ी, पत्नी और भाई न्यायिक हिरासत में

THENEWSPOST
THENEWSPOST

Digital News Desk • August 26, 2026

रांची (RANCHI): JSSC CGL पेपर लीक मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए नाम और अहम जानकारी सामने आ रही है. मामले में टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी से पूछताछ के लिए सीआईडी को तीन दिन की अतिरिक्त रिमांड मिल गई है. वहीं, अभय की पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी से पूछताछ पूरी होने के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

पेपर लीक मामले की जांच के लिए एसटीएफ आईजी अनूप बिरथरे की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की गई है. टीम लगातार आरोपियों और संदिग्धों से पूछताछ कर रही है. अब तक 60 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं. अभय तिवारी से भी लगातार पूछताछ चल रही है. जांच के दौरान उसने कथित तौर पर बताया था कि 12-12 लाख रुपये लेकर पेपर लीक कराया गया था. उसने यह भी दावा किया था कि बोकारो में कुछ अभ्यर्थियों को प्रश्न और उत्तर याद करवाए गए थे और वह खुद भी इस प्रक्रिया में शामिल होकर सफल हुआ था.

जांच के दौरान परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी संभालने वाली एजेंसी वेबेल भी जांच के दायरे में है. एजेंसी पर पेपर लीक में कथित भूमिका का आरोप है. सीआईडी अब वेबेल के मालिक मिथिलेश सिंह की तलाश कर रही है. जांच टीम उससे पूछताछ करना चाहती है. इधर, 14वें JPSC कथित फर्जीवाड़ा मामले में पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष एल. खियांग्ते समेत पांच आरोपियों की जमानत याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई. अपर न्याययुक्त योगेश कुमार की अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 2 सितंबर की तारीख तय की है. सुनवाई के दौरान सीआईडी ने अदालत में केस डायरी भी पेश की.

जमानत की मांग करने वालों में एल. खियांग्ते, अभय कुमार तिवारी, श्वेता गुप्ता, सुमन सौरव और उमेश कुमार शामिल हैं. सीआईडी ने एल. खियांग्ते को 10 अगस्त को गिरफ्तार किया था, जबकि अभय कुमार तिवारी की गिरफ्तारी 22 जुलाई को गोड्डा से हुई थी. अभय ब्लैकलिस्टेड कंपनी टीडीपीएल में मार्केटिंग मैनेजर के पद पर था. वहीं, श्वेता गुप्ता जेपीएससी में परीक्षा नियंत्रक के पद पर कार्यरत थीं.