वोटर लिस्ट में नहीं है नाम तो फॉर्म-6 से जुड़वाएं, चुनाव आयोग ने तेज की प्रक्रिया

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Digital News Desk • September 3, 2026

झारखंड में SIR कि प्रक्रिया तेज़ी से चल रही है. ऐसे में जिन पात्र भारतीय नागरिकों का नाम छूट गया है, अब उनका नाम जोड़ने की प्रक्रिया तेज की जाएगी. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी जिलों के निर्वाचन अधिकारियों को इसके लिए जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया है. 

रांची(RANCHI): झारखंड में SIR कि प्रक्रिया तेज़ी से चल रही है. ऐसे में जिन पात्र भारतीय नागरिकों का नाम छूट गया है, अब उनका नाम जोड़ने की प्रक्रिया तेज की जाएगी. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी जिलों के निर्वाचन अधिकारियों को इसके लिए जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम जुड़ने से वंचित नहीं रहना चाहिए. इसके लिए ऐसे लोगों से फॉर्म-6 भरवाकर उनका नाम मतदाता सूची में शामिल कराया जाएगा. जिला निर्वाचन पदाधिकारी और निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी को अगले दो दिनों के अंदर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करने का निर्देश दिया गया है.

बैठक में राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट यानी BLA की भी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी. BLA अपने मतदान केंद्र क्षेत्र में ऐसे पात्र लोगों की पहचान करेंगे, जिनका नाम मतदाता सूची में नहीं है. इसके बाद उन्हें फॉर्म-6 जमा करने के लिए प्रेरित किया जाएगा. तय नियमों के अनुसार BLA आवश्यक घोषणा या अंडरटेकिंग के साथ रोजाना अधिकतम 10 आवेदन संबंधित BLO के पास जमा कर सकते हैं. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने अधिकारियों से राजनीतिक दलों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने और मतदाता सूची को सही बनाने की प्रक्रिया में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा है.

 

चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अलग-अलग फॉर्म से मिले आवेदनों की जानकारी भी राजनीतिक दलों को दी जा रही है. फॉर्म-6 से नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, फॉर्म-7 से नाम जोड़ने पर आपत्ति और फॉर्म-8 से नाम, फोटो, जन्मतिथि में सुधार या मतदान केंद्र बदलने से जुड़े आवेदन मिलते हैं. इन आवेदनों की सूचियां राजनीतिक दलों को हर सप्ताह ऑनलाइन और ऑफलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं. वेबसाइट पर भी विधानसभा क्षेत्र के अनुसार इनकी जानकारी देखी जा सकती है. फॉर्म-7 से मिली आपत्तियों पर ERO स्तर पर सुनवाई के बाद ही नियमानुसार फैसला लिया जाएगा. आयोग का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को सही और पारदर्शी बनाना है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे.