रामगढ़ के हिमांशु ने राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिप में जीता गोल्ड, अब एशियन चैंपियनशिप पर नजर

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Digital News Desk • October 30, 2026

 चुंबा गांव के रहने वाले हिमांशु कुमार ने अपनी मेहनत और शानदार खेल से पूरे झारखंड का नाम रोशन किया है. उन्होंने राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है. हरियाणा के सोनीपत में अक्टूबर महीने में आयोजित इस प्रतियोगिता में हिमांशु ने अंडर-17 ओपन ‍ˈकैटगरि के 52 किलोग्राम फ्रीस्टाइल मुकाबले में हिस्सा लिया था. 

रामगढ़(RAMGARH): जिले के चुंबा गांव के रहने वाले हिमांशु कुमार ने अपनी मेहनत और शानदार खेल से पूरे झारखंड का नाम रोशन किया है. उन्होंने राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है. हरियाणा के सोनीपत में अक्टूबर महीने में आयोजित इस प्रतियोगिता में हिमांशु ने अंडर-17 ओपन ‍ˈकैटगरि के 52 किलोग्राम फ्रीस्टाइल मुकाबले में हिस्सा लिया था. फाइनल मुकाबले में उन्होंने हरियाणा के पहलवान को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया.

हरियाणा के पहलवान को हराकर बने चैंपियन

राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में हिमांशु ने शुरुआत से ही अच्छा प्रदर्शन किया. उन्होंने अपने दमदार खेल और कुश्ती के दांव-पेच से प्रतिद्वंद्वी को कड़ी चुनौती दी. आखिरकार हरियाणा के पहलवान को हराकर उन्होंने पहला स्थान हासिल किया. उनकी इस जीत से चुंबा गांव सहित पूरे रामगढ़ जिले में खुशी का माहौल है.

अब एशियन चैंपियनशिप के ट्रायल की तैयारी

राष्ट्रीय प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतने के बाद हिमांशु का अगला गोल जूनियर रेसलिंग एशियन चैंपियनशिप का ट्रायल है. वह इस चयन प्रक्रिया में बेहतर प्रदर्शन कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बनाना चाहते हैं. ट्रायल में सफल होने पर उन्हें भारत की ओर से खेलने का मौका मिल सकता है.

खेलो इंडिया में भी दिखाएंगे दम

हिमांशु इससे पहले झारखंड खेलो में सिल्वर मेडल जीत चुके हैं. अब वह खेलो इंडिया प्रतियोगिता में झारखंड का प्रतिनिधित्व करने की तैयारी में जुटे हैं. इसके अलावा वह प्रदेश स्तर की कुश्ती प्रतियोगिता में भी स्वर्ण पदक जीत चुके हैं.

शिक्षक से मिला मार्गदर्शन

हिमांशु ग्रेट यूनिवर्सल पब्लिक स्कूल, चुंबा में दसवीं कक्षा के छात्र हैं. उन्होंने बताया कि स्कूल के शिक्षक बबलू सर ने उन्हें कुश्ती की बारीकियां सिखाईं. फिलहाल वह कुजू स्थित द चैंपियंस डोजो में प्रशिक्षण ले रहे हैं.

हिमांशु के पिता उमेश महतो कॉन्ट्रैक्टर हैं, जबकि मां गृहिणी हैं. परिवार के सहयोग और लगातार अभ्यास के दम पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है. उनकी सफलता से परिवार और गांव के लोगों को उन पर गर्व है. अब सभी की उम्मीदें उनके अगले मुकाबलों पर टिकी हैं.