गुमला जिले के डुमरी प्रखंड में उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने दौरा कर ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित विभिन्न गतिविधियों का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने महिलाओं द्वारा किए जा रहे मशरूम उत्पादन का निरीक्षण किया और उनके कार्य की जानकारी ली. उन्होंने महिलाओं से बातचीत कर उत्पादन प्रक्रिया, बाजार की उपलब्धता, आमदनी और सामने आ रही समस्याओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की.
उपायुक्त ने महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार की ऐसी पहल परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. उन्होंने प्रखंड प्रशासन को अधिक से अधिक ग्रामीण महिलाओं को मशरूम उत्पादन से जोड़ने का निर्देश दिया. इसके लिए इच्छुक महिलाओं को प्रशिक्षण, तकनीकी जानकारी और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने को कहा.
डीसी ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए स्थानीय संसाधनों और महिलाओं की क्षमता का बेहतर उपयोग जरूरी है. मशरूम उत्पादन कम जगह और सीमित संसाधनों में शुरू किया जा सकता है. उचित प्रशिक्षण और बाजार की सुविधा मिलने पर इससे अच्छी आमदनी हासिल की जा सकती है. उन्होंने अधिकारियों को महिलाओं को उत्पादन के साथ पैकेजिंग और बाजार तक उत्पाद पहुंचाने में भी सहयोग करने का निर्देश दिया.
ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि मशरूम उत्पादन से उन्हें घर बैठे अतिरिक्त आमदनी का अवसर मिला है. इससे उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है और परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है. हालांकि, उन्होंने बेहतर प्रशिक्षण, उत्पादन सामग्री, बाजार और नियमित खरीदारों की उपलब्धता की जरूरत बताई.
उपायुक्त ने ग्रामीणों की समस्याएं और सुझाव गंभीरता से सुने तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य योजनाओं को जमीन पर उतारने के साथ ग्रामीणों की आय बढ़ाना और उन्हें स्थायी रूप से आत्मनिर्भर बनाना है.
