लोन के नाम पर करोड़ों की ठगी, 60 हजार रुपये का लालच देकर सैकड़ों लोगों से वसूली

THENEWSPOST
THENEWSPOST

Digital News Desk • August 31, 2026

गढ़वा जिले में लोन दिलाने के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है. भवनाथपुर थाना क्षेत्र में उज्ज्वल कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी पर ग्रामीणों से ठगी करने का आरोप लगा है. बताया जा रहा है कि कंपनी ने 60 हजार रुपये तक का लोन दिलाने का भरोसा देकर लोगों से पहले 5 से 6 हजार रुपये विभिन्न शुल्क और प्रक्रियाओं के नाम पर जमा कराए.

 

 

 

गढ़वा(GARHWA): झारखंड के गढ़वा जिले में लोन दिलाने के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है. भवनाथपुर थाना क्षेत्र में उज्ज्वल कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी पर ग्रामीणों से ठगी करने का आरोप लगा है. बताया जा रहा है कि कंपनी ने 60 हजार रुपये तक का लोन दिलाने का भरोसा देकर लोगों से पहले 5 से 6 हजार रुपये विभिन्न शुल्क और प्रक्रियाओं के नाम पर जमा कराए. इसके बाद कंपनी के प्रतिनिधि अचानक गायब हो गए. इस फर्जीवाड़े का असर जिले के नगर उंटारी, खरौंधी, भवनाथपुर और केतार प्रखंड के कई इलाकों में देखने को मिला है. ठगी का शिकार हुए सैकड़ों लोगों का आरोप है कि उनसे रकम लेने के बाद न तो लोन दिया गया और न ही जमा पैसे वापस किए गए.

कंपनी की ओर से ग्रामीणों को आसान शर्तों पर लोन उपलब्ध कराने का झांसा दिया गया था. आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को भरोसा दिलाया गया कि प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें 60 हजार रुपये का लोन मिल जाएगा. इसी लालच में बड़ी संख्या में लोगों ने कंपनी के प्रतिनिधियों को हजारों रुपये दे दिए. कई पीड़ितों का कहना है कि पैसे जमा करने के बाद जब उन्होंने कंपनी से संपर्क करने की कोशिश की तो प्रतिनिधियों के फोन बंद मिलने लगे और कार्यालय से भी कोई जानकारी नहीं मिली. इसके बाद ग्रामीणों को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ. मामले को लेकर भवनाथपुर थाना में दो प्राथमिकी दर्ज कराई गई हैं. पुलिस अब शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है.

मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन भी सक्रिय हो गया है. गढ़वा के एसडीएम प्रभाकर मिर्घा ने बताया कि उज्ज्वल कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड के जरिए गरीब और भोले-भाले लोगों को ठगी का शिकार बनाए जाने की जानकारी प्रशासन के संज्ञान में आई है. इस संबंध में उपायुक्त को भी जानकारी दी जाएगी और दर्ज प्राथमिकी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने लोगों से ऐसी कंपनियों और व्यक्तियों से सतर्क रहने की अपील की, जो कम समय में अधिक पैसा या आसान तरीके से लोन दिलाने का लालच देते हैं. पुलिस अब कंपनी से जुड़े लोगों की पहचान, उनके नेटवर्क और ग्रामीणों से वसूली गई रकम का पता लगाने में जुटी है. जांच आगे बढ़ने के साथ फर्जीवाड़े की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है.

रिपोर्ट- धर्मेन्द्र कुमार