रांची (RANCHI): झारखंड में पहली बार DGCA-अनुमोदित ड्रोन पायलट कोर्स शुरू होने जा रहा है. BIT मेसरा राज्य का पहला संस्थान बनने जा रहा है, जहां यह कोर्स संचालित किया जाएगा. बीआइटी मेसरा को केंद्र सरकार के डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) से रिमोट पायलट ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन (RPTO) के रूप में संचालन की मंजूरी मिलने के बाद यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक मेसरा में ड्रोन पायलट प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू किया गया है. संस्थान के अनुसार, यह झारखंड का एकमात्र DGCA-अनुमोदित ड्रोन पायलट सर्टिफिकेट कोर्स है. प्रशिक्षण में विद्यार्थियों को केवल कक्षा आधारित सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं दी जाएगी, बल्कि आधुनिक ड्रोन और विशेष प्रशिक्षण सुविधाओं के जरिए व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा. कार्यक्रम DGCA के निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार अनुभवी विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में संचालित होगा.
RPTO में प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञ प्रशिक्षकों के माध्यम से ड्रोन संचालन, तकनीकी जानकारी और व्यावहारिक कौशल पर जोर दिया जाएगा. पात्र उम्मीदवार DGCA से मान्यता प्राप्त ड्रोन पायलट प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए प्रशिक्षण ले सकेंगे. इसके साथ ही बीआइटी मेसरा ने ड्रोन तकनीक के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े कई अल्पकालिक पाठ्यक्रम भी शुरू किए हैं. इनमें ड्रोन फॉरेंसिक्स का चार दिवसीय, ड्रोन प्रोग्रामिंग एंड कोडिंग का 10 दिवसीय, ड्रोन GIS एंड डेटा फ्यूजन का सात दिवसीय, ड्रोन रिपेयर एंड मेंटेनेंस का आठ दिवसीय, ड्रोन-बेस्ड मैपिंग एंड सर्वेइंग का सात दिवसीय और ड्रोन बिल्डिंग का सात दिवसीय कोर्स शामिल है.
इन पाठ्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों और प्रशिक्षण लेने वाले उम्मीदवारों को ड्रोन तकनीक के विभिन्न व्यावहारिक अनुप्रयोगों की जानकारी दी जाएगी. प्रशिक्षण में ड्रोन से जुड़े साक्ष्यों की जांच, प्रोग्रामिंग और कोडिंग, GIS डेटा के साथ काम करना, ड्रोन की मरम्मत एवं रखरखाव, मैपिंग और सर्वेक्षण तथा ड्रोन निर्माण जैसी गतिविधियां शामिल हैं. संस्थान का उद्देश्य ड्रोन क्षेत्र में बढ़ते अवसरों को देखते हुए विद्यार्थियों को तकनीकी और व्यावहारिक रूप से तैयार करना है. इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक BIT Mesra RPTO पंजीकरण फॉर्म के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं.
