JPSC पर बड़ा निर्णय लेंगे सीएम हेमंत,छात्रों में बढ़ी सरकार से उम्मीद

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Digital News Desk • August 4, 2026

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को मोरहाबादी स्थित आवास में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद राज्य में चल रहे जेपीएससी विवाद और छात्रों के आंदोलन पर सरकार का पक्ष स्पष्ट किया. गौरतलब है कि राज्य में पिछले 11 दिनों से जेपीएससी अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है.

 

 

 

 

रांची (RANCHI): झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को मोरहाबादी स्थित आवास में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद राज्य में चल रहे जेपीएससी विवाद और छात्रों के आंदोलन पर सरकार का पक्ष स्पष्ट किया. गौरतलब है कि राज्य में पिछले 11 दिनों से जेपीएससी अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है. अभ्यर्थी 14वीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. उनका कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में अनिश्चितता और कथित विसंगतियों के कारण अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है. प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रमुख मांग है कि 14वीं जेपीएससी परीक्षा को रद्द किया जाए और पूरी चयन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कर पारदर्शी तरीके से दोबारा प्रक्रिया शुरू की जाए.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार पूरे मामले पर गंभीरता और सतर्कता के साथ नजर बनाए हुए है. उन्होंने कहा, "सरकार की आंख भी है, नाक भी है और हाथ भी है." यानी सरकार हर पहलू पर नजर रख रही है और राज्यहित में पूरी जिम्मेदारी के साथ काम कर रही है. उन्होंने कहा कि प्रशासन और संबंधित जांच एजेंसियां पूरे मामले की गहन जांच कर रही हैं. सरकार छात्रों की सभी मांगों, उनकी जिज्ञासाओं और उठाए गए सवालों को गंभीरता से सुन रही है. किसी भी प्रकार की जल्दबाजी में निर्णय नहीं लिया जाएगा, बल्कि सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच के बाद ही उचित फैसला किया जाएगा.

मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि यदि जांच के दौरान किसी भी स्तर पर अनियमितता या गड़बड़ी सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद सरकार अपना निर्णय सार्वजनिक करेगी. साथ ही उन्होंने छात्रों और युवाओं से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सरकार उनकी चिंताओं से पूरी तरह अवगत है और उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने विश्वास जताया कि निष्पक्ष जांच के बाद लिया गया फैसला छात्रों के हित और राज्य के भविष्य को ध्यान में रखकर होगा.