रांची(RANCHI): झारखंड में सड़क कनेक्टिविटी को बढ़ाने के साथ साथ नई योजनाओ को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड मंत्रालय में पथ निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक की.बैठक में पिछले पाँच साल में पूरी की गई योजना और आगामी वर्ष में की कार्य योजना की जानकारी अधिकारियों ने सीएम को दी. इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को समय पर योजना पूरी करने के साथ साथ गुणवत्ता का ख्याल रखने का निर्देश दिया है. लंबित योजना को दो माह में पूरी नहीं करने पर संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की चेतावनी दी है.
मुख्यमंत्री ने अवलोकन करते हुए अधिकारियों को कार्यों में देरी और लापरवाही पर कड़ी फटकार लगाई. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी कार्य योजनाओं की समयबद्ध तैयारी सुनिश्चित की जाए. साथ ही उन्हें निर्धारित समय में पूर्ण किया जाए. लंबित कार्यों के शीघ्र निष्पादन पर विशेष बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अनावश्यक देरी होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी. किसी भी परियोजना में निर्धारित मानकों के अनुसार गुणवत्ता से किसी प्रकार के समझौते को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
सभी परियोजनाओं का डेटाबेस व जियो-टैगिंग अनिवार्य
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने पथ निर्माण विभाग को सभी परियोजनाओं का अद्यतन और सुव्यवस्थित डेटाबेस तैयार करने के साथ जियो-टैगिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि प्रत्येक परियोजना की स्थिति, लागत, समय-सीमा और प्रगति का स्पष्ट विवरण उपलब्ध हो, ताकि कार्यों की सटीक निगरानी की जा सके.
मुख्यमंत्री ने कहा कि जियो-टैगिंग से पारदर्शिता बढ़ेगी और निगरानी प्रणाली मजबूत होगी. साथ ही, अधिकारियों को निर्देश दिया कि समस्याओं की समय पर पहचान कर शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें. उन्होंने सभी निर्माणाधीन एवं पूर्ण परियोजनाओं का अद्यतन विवरण नियमित रूप से उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए कहा कि इससे जवाबदेही और समयबद्धता सुनिश्चित होगी तथा आम जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी.
गड्ढे, जलजमाव और खराब सड़कों पर तुरंत कार्रवाई करें
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि उन्हें सोशल मीडिया, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से सड़कों की खराब स्थिति, गड्ढों, जलजमाव एवं निर्माण कार्यों में अनियमितताओं की लगातार जानकारी मिल रही है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन शिकायतों का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए त्वरित समाधान सुनिश्चित करें साथ ही उनका अद्यतन रिकॉर्ड रखें.
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा ऋतु में सड़कों की स्थिति बिगड़ने से दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए गड्ढों की मरम्मत, जल निकासी की समुचित व्यवस्था एवं सड़कों की गुणवत्ता में सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाए. साथ ही, संकीर्ण मार्गों के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कर यातायात को सुरक्षित और सुगम बनाया जाए.
लंबित परियोजनाओं में तेजी लाएं, दो माह में पूर्ण करें प्रमुख कार्य, अन्यथा होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने निर्माणाधीन परियोजनाओं में धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी लंबित कार्यों में तेजी लाई जाए. उन्होंने कहा कि राज्य में कई सड़क, फ्लाईओवर एवं पुल-पुलिया परियोजनाएं वर्षों से लंबित हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानी हो रही है.
मुख्यमंत्री ने राजधानी रांची सहित अन्य क्षेत्रों की लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ प्रमुख परियोजनाओं को आगामी दो माह के भीतर पूरा किया जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी. साथ ही, मुख्यमंत्री ने सोलर साइकिल ट्रैक एवं अन्य नवीन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए गुणवत्ता, मजबूती एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया. उन्होंने पुल-पुलियों के किनारों को सुदृढ़ बनाने, जल निकासी की समुचित व्यवस्था करने तथा सभी निर्माण कार्यों में उच्च गुणवत्ता मानकों के पालन के निर्देश दिए.
उक्त बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव सुनील कुमार, अभियंता प्रमुख प्रवीण जयंत भेंगरा तथा संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.
