ईरान और अमेरिका में बढ़ी टेंशन,एक साथ 140 ठिकानों पर गिरे बम  

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Digital News Desk • July 13, 2026

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव एक बार फिर गंभीर स्थिति में पहुंच गया है. दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई तेज हो गई है, जिसके बाद पश्चिम एशिया में हालात लगातार बिगड़ते नजर आ रहे हैं. अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर बड़े हवाई हमले किए हैं, वहीं ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए कई जगहों को निशाना बनाया है. इस घटनाक्रम ने एक बार फिर क्षेत्र में बड़े संघर्ष की आशंका बढ़ा दी है.

 

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव एक बार फिर गंभीर स्थिति में पहुंच गया है. दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई तेज हो गई है, जिसके बाद पश्चिम एशिया में हालात लगातार बिगड़ते नजर आ रहे हैं. अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर बड़े हवाई हमले किए हैं, वहीं ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए कई जगहों को निशाना बनाया है. इस घटनाक्रम ने एक बार फिर क्षेत्र में बड़े संघर्ष की आशंका बढ़ा दी है.

अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने ईरान को लेकर सख्त बयान दिया है. उन्होंने कहा कि ईरान ने गलत फैसला लिया है और अब उसे इसकी कीमत चुकानी होगी. अमेरिका का कहना है कि उसकी सैन्य कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की आक्रामक गतिविधियों को रोकना और समुद्री रास्तों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.

रविवार को अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर जोरदार हवाई हमले किए. अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड के अनुसार, इस अभियान में करीब 140 ठिकानों को निशाना बनाया गया. इनमें मिसाइल और ड्रोन लॉन्च करने वाली जगहें, हथियारों के भंडार, संचार केंद्र और अन्य सैन्य सुविधाएं शामिल थीं. अमेरिका का दावा है कि इन हमलों से ईरान की सैन्य क्षमता को नुकसान पहुंचा है और समुद्री इलाकों में खतरे को कम करने में मदद मिलेगी.

अमेरिका ने बताया कि यह कार्रवाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हुए एक हमले के जवाब में की गई. अमेरिका के अनुसार, ईरान की ओर से एक कंटेनर जहाज को निशाना बनाया गया था, जिसके बाद जहाज में आग लग गई और चालक दल को उसे छोड़ना पड़ा. अमेरिका ने इस घटना को अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के लिए खतरा बताया और जवाबी कार्रवाई करने का फैसला लिया.

वहीं, ईरान ने भी अमेरिका के हमलों का जवाब दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के कुछ देशों में मौजूद सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. इनमें बहरीन, कुवैत, कतर और ओमान जैसे देश शामिल बताए जा रहे हैं. ईरान की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्रीय तनाव और ज्यादा बढ़ गया है.

ईरान की ओर से यह दावा भी किया गया है कि खोर्रमाबाद में तैनात आईआरजीसी एयरोस्पेस फोर्स के नए एयर डिफेंस सिस्टम ने अमेरिकी हमले के दौरान एक क्रूज मिसाइल को मार गिराया. हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है.

इस बीच, कुछ स्थानीय रिपोर्टों में दावा किया गया है कि अमेरिकी हवाई हमलों में ईरानी नौसेना के लेफ्टिनेंट हामिदरेजा देहघानी की मौत हो गई है. बताया जा रहा है कि वह जास्क बंदरगाह पर हुए हमले में मारे गए. हालांकि, इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन गया है. इसकी सबसे बड़ी वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज है, जो वैश्विक तेल और प्राकृतिक गैस आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है. यहां किसी भी तरह की अस्थिरता का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है.

कुछ समय पहले तक दोनों देशों के बीच तनाव कम होने और बातचीत आगे बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन ताजा सैन्य घटनाओं ने शांति की कोशिशों को बड़ा झटका दिया है. अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि अमेरिका और ईरान के बीच यह टकराव आगे किस दिशा में जाता है और क्या दोनों देश बातचीत के रास्ते पर लौट पाएंगे या नहीं.