पटना (PATNA): पेपर लीक और छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर जन सुराज के नेता प्रशांत किशोर ने सरकार और राजनीतिक व्यवस्था पर निशाना साधा है. झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े सवाल पर प्रशांत किशोर ने कहा कि आज देश के अलग-अलग हिस्सों में युवा पेपर लीक, खराब शिक्षा व्यवस्था और बेरोजगारी जैसी समस्याओं से परेशान हैं. जब युवाओं की समस्याओं का समाधान नहीं होगा तो वे अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरेंगे ही.
युवाओं की नाराजगी की बड़ी वजह है
प्रशांत किशोर ने कहा कि छात्रों का विरोध प्रदर्शन जंतर-मंतर से लेकर पटना और झारखंड तक देखने को मिल रहा है. युवा लंबे समय से परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी और पेपर लीक जैसी घटनाओं से परेशान हैं. इसके साथ ही शिक्षा व्यवस्था की स्थिति और रोजगार के अवसरों की कमी भी युवाओं की नाराजगी की बड़ी वजह है. उन्होंने कहा कि छात्र मेहनत करके परीक्षाओं की तैयारी करते हैं. इसके लिए वे अपना समय और पैसा दोनों खर्च करते हैं लेकिन जब परीक्षा में पेपर लीक या दूसरी गड़बड़ियां सामने आती हैं तो उनका भरोसा व्यवस्था से उठने लगता है. ऐसी स्थिति में युवाओं का विरोध करना स्वाभाविक है.
युवाओं की आवाज को दबाया नहीं जा सकता
प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि व्यवस्था की कमियों और गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने के बजाय प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर ही सख्ती की जा रही है. उन्होंने कहा कि दोषी नेता छात्रों पर लाठी चलवा रहे हैं, लेकिन इससे युवाओं की आवाज को दबाया नहीं जा सकता. पीके ने कहा कि पेपर लीक, ध्वस्त शिक्षा व्यवस्था और बेरोजगारी से परेशान युवा अपने भविष्य को लेकर सवाल उठा रहे हैं. सरकार और जिम्मेदार लोगों को छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनना चाहिए और समस्याओं का स्थायी समाधान निकालना चाहिए. उन्होंने कहा कि जब तक युवाओं की समस्याओं का समाधान नहीं होगा, उनकी आवाज लगातार उठती रहेगी और इसे दबाना आसान नहीं होगा.
