बताया जा रहा है कि करण कुमार, पिता सतीश मालिक, करीब 11 बजे अपने तीन दोस्तों के साथ गंगा में स्नान करने गया था. स्नान के दौरान दो दोस्त किसी तरह सुरक्षित बाहर निकल आए, लेकिन करण गहरे पानी में चला गया. इसके बाद उसकी तलाश शुरू की गई.घटना की सूचना मिलते ही हाथीदह थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे. स्थानीय स्तर पर गोताखोर आलमगीर को भी तलाश के लिए लगाया गया. करीब डेढ़ घंटे तक करण का शव पानी में रहा. स्थानीय गोताखोर आलमगीर के मौके पर पहुंचने के बाद महज 30 मिनट के अंदर ही गंगा से करण के शव को खोज निकाला गया.
घटना का सबसे मार्मिक पहलू यह है कि जितिया पर्व पर मां अपने बच्चों की लंबी उम्र और सलामती के लिए व्रत रखती है. नहाय-खाय के इसी दिन एक मां ने अपने 14 वर्षीय बेटे को हमेशा के लिए खो दिया. बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. बताया गया कि करण के पिता सतीश मालिक दिव्यांग हैं.घटना की सूचना एसडीआरएफ को भी दी गई थी. वहीं, गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण नदी में तेज बहाव बना हुआ है. शव बरामद होने के बाद पुलिस ने उसे अपने कब्जे में लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
