SIR के खिलाफ पटना में महागठबंधन का लोकभवन मार्च, तेजस्वी यादव समेत कई नेता हिरासत में

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Digital News Desk • October 8, 2026

पटना: बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. इसी कड़ी में गुरुवार को पटना में महागठबंधन की ओर से बड़ा विरोध प्रदर्शन किया गया. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR के मुद्दे को लेकर महागठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मार्च निकाला. इस दौरान तेजस्वी यादव के नेतृत्व में नेता और कार्यकर्ता लोकभवन की ओर बढ़े.

पटना: बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. इसी कड़ी में गुरुवार को पटना में महागठबंधन की ओर से बड़ा विरोध प्रदर्शन किया गया. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR के मुद्दे को लेकर महागठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मार्च निकाला. इस दौरान तेजस्वी यादव के नेतृत्व में नेता और कार्यकर्ता लोकभवन की ओर बढ़े.

तेजस्वी यादव की अगुवाई में निकला मार्च

तेजस्वी यादव की अगुवाई में महागठबंधन के नेता और कार्यकर्ता पटना में मार्च कर रहे थे. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि SIR के जरिए मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर बदलाव किया गया है और इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हुई है. विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की भी मांग कर रहे हैं.

एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के लेकर महागठबंधन के आक्रोश मार्च में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए कई जगहों पर पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी. इसी दौरान तेजस्वी यादव बैरिकेडिंग पर बैठ गए और बाद में आगे बढ़ने की कोशिश की. इस दौरान  पुलिस ने तेजस्वी यादव, मीसा भारती और मुकेश सहनी को हिरासत में ले लिया है.

तेजस्वी ने लगाए गंभीर आरोप

मार्च से पहले तेजस्वी यादव ने SIR को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया.महागठबंधन ने इस पूरे अभियान को ज्ञानेश हटाओ, लोकतंत्र बचाओ के नारे के साथ आगे बढ़ाया है. इससे पहले 7 अक्टूबर को भी बिहार के सभी 534 प्रखंड मुख्यालयों पर महागठबंधन की ओर से आक्रोश मार्च और प्रदर्शन किया गया था.

महागठबंधन का कहना है कि SIR के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं. विपक्षी दल SIR को रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. वहीं इस मुद्दे को लेकर बिहार में लगातार राजनीतिक गतिविधियां तेज होती जा रही हैं.