बिहार में डेयरी, मत्स्य पालन और पशु संसाधन क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस क्षेत्र से जुड़े लाभुकों और आम नागरिकों की सुविधा के लिए तीन महत्वपूर्ण योजनाओं का औपचारिक लोकार्पण और उद्घाटन किया। इस विशेष कार्यक्रम में राज्य के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, विभागीय मंत्री तथा शासन के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों और मत्स्य पालकों को सीधा लाभ पहुंचाना तथा प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाना है:
· सुधा-संपर्क कॉल सेंटर: दुग्ध उत्पादकों और उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान तथा जानकारी साझा करने के लिए इस समर्पित कॉल सेंटर की शुरुआत की गई है।
· डायरेक्ट अकाउंट ट्रांसफर (DAT) व्यवस्था: पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों को उनके उत्पादों का भुगतान बिना किसी बिचौलिये के सीधे उनके बैंक खातों में भेजने के लिए डिजिटल ट्रांसफर प्रणाली को लागू किया गया है। इससे वित्तीय पारदर्शिता बढ़ेगी।
· 'फ्रेश कैच कियोस्क' (Fresh Catch Kiosk): लोगों को ताजा और जीवित मछलियां उपलब्ध कराने के लिए इस आधुनिक कियोस्क मॉडल का उद्घाटन किया गया है।
· 100 कियोस्क की स्थापना: सुधा बूथ की अपार सफलता की तर्ज पर राज्यभर में ऐसे 100 'फ्रेश कैच कियोस्क' स्थापित किए जाएंगे, जिससे मत्स्य पालकों को बेहतर बाजार और आम लोगों को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद मिलेंगे।
इन दूरगामी पहलों से न केवल राज्य के ग्रामीण इलाकों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि पशुपालन और मत्स्य पालन से जुड़े लाखों लाभुकों की आय में भी सुधार होगा। सरकार का यह कदम बिहार के कृषि व संबद्ध क्षेत्रों को डिजिटल और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
