हर जगह स्कूल बसों का रंग पीला ही क्यों, इसके पीछे क्या है खास वजह, पढ़िए
स्कूली बसों का रंग पीला ही क्यों होता है? इसके पीछे सुरक्षा और दृश्यता से जुड़ी खास वजह है. जानिए पीले रंग को स्कूली बसों के लिए क्यों चुना गया.
स्कूली बसों का रंग पीला ही क्यों होता है? इसके पीछे सुरक्षा और दृश्यता से जुड़ी खास वजह है. जानिए पीले रंग को स्कूली बसों के लिए क्यों चुना गया.
टीएनपी डेस्क(TNP DESK):सड़क पर जब भी आप चलते होंगे तो आपको बाइक और कार के साथ स्कूली बसें भी दिखती होंगी, जिनमें अधिकांश स्कूल बसों का रंग पीला होता है. ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि आखिर स्कूली बसों का रंग पीला ही क्यों होता है? इसके पीछे क्या वजह हो सकती है? कभी आपने सोचा है? अगर नहीं जानते हैं तो आज हम आपको स्कूली बस के रंग के पीछे की वजह बताएंगे और यह भी बताएंगे कि इसके रंग को रखने के पीछे क्या मकसद है.

इसके पीछे क्या है खास वजह
दरअसल, जब स्कूल आते-जाते समय सड़क पर बस देखते हैं तो लोगों का ध्यान अपने आप आकर्षित हो जाता है, क्योंकि इसका रंग ही सबसे अलग होता है. यह पीले रंग का होता है. पीला रंग स्कूल बस की पहचान है, लेकिन क्या इसके पीछे कोई वैज्ञानिक वजह है या फिर सुरक्षा से जुड़ी कोई वजह है? तो आपको बता दें कि इसके पीछे सबसे बड़ी वजह बच्चों की सुरक्षा और बस को दूर से आसानी से पहचान पाना है.

बच्चों की सुरक्षा को लेकर तय किया गया है रंग
सबसे पहले आपको इस बात को समझना चाहिए कि दुनिया के हर देश में स्कूल बस का रंग पीला ही हो, ऐसा जरूरी नहीं है. अलग-अलग देशों और राज्यों में नियम अलग-अलग हो सकते हैं. लेकिन स्कूल बस के पीले रंग होने के पीछे सबसे बड़ी वजह विजिबिलिटी यानी दूर से दिखाई देना है. पीला रंग काफी चमकीला होता है, जो दूर से ही दिखाई देता है. ऐसे में बच्चों की सुरक्षा के लिए इसे काफी सुरक्षित माना जाता है. दूर से ही पीले रंग की बस को देखकर अन्य कार या बस वाले अपनी गति धीमी कर देते हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा बढ़ती है.
पीले रंग को सड़क पर पहचानना आसान
दरअसल, अमेरिका में राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात सुरक्षा प्रशासन यानी NHTSA स्कूल बसों के लिए नेशनल स्कूल बस ग्लॉसी येलो रंग की सिफारिश करता है. लेकिन NHTSA के अनुसार सभी जगह स्कूल बसों का रंग पीला होना अनिवार्य नहीं है, बल्कि रंग संबंधी नीति राज्य और स्थानीय प्रशासन तय कर सकते हैं. दरअसल, पीले रंग को स्कूल बस की पहचान से जोड़ने का उद्देश्य यह है कि सड़क पर यदि अन्य कोई वाहन चल रहा है और उसकी गति तेज है तो पीले रंग को दूर से देखकर यह पहचान की जा सके कि यह स्कूल बस है. ऐसे में लोग सावधानी बरतते हैं. पीला रंग काफी चमकीला होता है, जो दूर से ही साफ दिखाई देता है. यानी पीला रंग केवल खूबसूरती के लिए नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा का एक सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है.
आख़िर क्यों पीला ही रंग ही चुना गया पढ़िए
दरअसल, पीला रंग अन्य कलर से काफी चमकीला होता है और लोगों का ध्यान इस पर सबसे पहले जाता है. सड़क पर जब बहुत सारी गाड़ियां चलती हैं तो ड्राइवर की नजर कई वाहनों पर पड़ती है, लेकिन जब पीली बस सामने दिखाई देती है तो लोग सावधानी बरतते हैं. इसलिए स्कूल बसों का रंग अधिकतर पीला होता है. इसके साथ ही बसों पर काले अक्षरों में बड़े-बड़े अक्षरों में SCHOOL BUS लिखा होता है, जहां पीले और काले रंग का यह कॉन्ट्रास्ट भी बस की पहचान आसान बनाता है.
स्कूल बस का रंग गोल्डन येलो होना चाहिए
आपको बता दें कि भारत में स्कूल बस गोल्डन येलो रंग की होती है, जिसका प्रावधान ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड AIS-063 में दिया गया है. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अनुरूप स्कूल बस का रंग गोल्डन येलो होना चाहिए. इसमें स्कूल की पहचान के लिए दोनों तरफ खिड़की के नीचे गोल्डन ब्राउन रंग की पट्टी का भी प्रावधान किया गया है. यानी पीला रंग केवल चमकीला नहीं होता, बल्कि यह सुरक्षा का भी प्रतीक है.
पीले रंग के साथ स्कूल बस लिखना भी अनिवार्य है
अब बस की पहचान केवल रंग से नहीं की जाती. स्कूल बस के सामने और पीछे SCHOOL BUS जैसे संकेत लिखे होते हैं, जिसका उद्देश्य दूसरे वाहन चालकों को सावधान करना होता है. जब भी स्कूल बस किसी स्टॉप पर रुकती है तो बच्चे सड़क की तरफ उतरते हैं. उस समय आसपास से गुजरने वाले वाहनों को ज्यादा अलर्ट रहने की जरूरत होती है. इसलिए स्कूल बस की पहचान जितनी स्पष्ट होगी, उतना ही वाहन चालक सावधान हो जाएंगे और बच्चों को किसी तरह की कोई परेशानी या डर नहीं रहेगा.
क्या हर पीली बस स्कूल बस होती है?
आपको बता दें कि भारत के अलग-अलग राज्यों के नियमों में भी स्कूल बस की पहचान और सुरक्षा से जुड़े प्रावधान मिलते हैं. उदाहरण के तौर पर पश्चिम बंगाल सरकार की स्कूल बस संबंधी सलाह में बस को मस्टर्ड येलो रंग में रखने और SCHOOL BUS लिखने का तरीका बताया गया है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या हर पीली बस स्कूल बस होती है? तो ऐसा नहीं है. सिर्फ पीला रंग देखकर किसी बस को स्कूल बस मानना गलत है, क्योंकि पीले रंग के साथ काले रंग में बड़े अक्षरों में SCHOOL BUS लिखा होता है, जो यह संकेत होता है कि यह स्कूल बस है. यानी केवल पीला रंग ही स्कूल बस की पहचान नहीं है.
स्कूल बस के रंग की पूरी व्यवस्था के पीछे एक ही बड़ी सोच
दरअसल, स्कूल बस के रंग की पूरी व्यवस्था के पीछे एक ही बड़ी सोच है.बच्चों को सड़क पर ज्यादा सुरक्षित रखना. जब किसी वाहन की पहचान पहले से तय हो, तो दूसरे वाहन चालक उसे देखकर सतर्क हो सकते हैं.इसीलिए स्कूल बसों में केवल रंग पर ही जोर नहीं दिया जाता. कई नियमों में warning lights, emergency exits, first-aid kit, fire extinguisher, speed control और अन्य सुरक्षा सुविधाओं का भी प्रावधान होता है. NHTSA की guidelines में भी स्कूल बसों के लिए warning lamps, mirrors, stop signal arm और emergency safety equipment जैसी सुविधाओं का उल्लेख है.