ऐसा क्यों ? सैलरी हाइक के बाद भड़का कर्मचारी, फिर CEO को भेजा ऐसा तीखा मेल की वायरल हो गया जवाब

ऐसा क्यों ? सैलरी हाइक के बाद भड़का कर्मचारी, फिर CEO को भेजा ऐसा तीखा मेल की वायरल हो गया जवाब

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): कॉर्पोरेट दुनिया में हर कर्मचारी सालभर मेहनत के बाद अप्रेजल और वेतन वृद्धि का इंतजार करता है.उम्मीद रहती है कि सैलरी में अच्छी बढ़ोतरी होगी, जिससे बढ़ते खर्चों के बीच आर्थिक राहत मिलेगी.लेकिन जब उम्मीद के मुताबिक इन्क्रीमेंट नहीं मिलता, तो निराशा होना स्वाभाविक है. इन दिनों सोशल मीडिया पर ऐसा ही एक मामला चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें एक कर्मचारी ने महज 4.2 प्रतिशत वेतन वृद्धि मिलने पर अपने CEO को ईमेल भेज दिया. इस ईमेल का स्क्रीनशॉट इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है.

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है स्क्रीनशॉट 

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर शेयर की गई इस पोस्ट में कर्मचारी ने कंपनी द्वारा दिए गए 4.2 प्रतिशत अप्रेजल को स्वीकार करने से इनकार कर दिया. पोस्ट को साझा करने वाले प्रतीक शेट्टी ने बताया कि कर्मचारी का मानना था कि इतनी कम बढ़ोतरी का उसकी आर्थिक स्थिति पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा.

वेतन वृद्धि को देख भड़क गया कर्मचारी

वायरल स्क्रीनशॉट के अनुसार, कर्मचारी ने अपने ईमेल में बढ़ती महंगाई, घर का किराया, ईएमआई, पेट्रोल, बिजली और अन्य जरूरी खर्चों का जिक्र किया. उसने लिखा कि इन सभी खर्चों के मुकाबले 4.2 प्रतिशत की सैलरी वृद्धि बेहद कम है और इससे उसकी वित्तीय स्थिति में कोई वास्तविक सुधार नहीं होगा.हालांकि, इस पोस्ट के वायरल होने के बाद इसकी सत्यता को लेकर भी सवाल उठने लगे है.कई सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया कि यह पोस्ट केवल चर्चा और रीच बढ़ाने के उद्देश्य से बनाई गई हो सकती है. एक यूजर ने तो यहां तक लिख दिया कि संभव है यह ईमेल खुद पोस्ट करने वाले व्यक्ति ने ही तैयार किया हो.

सोशल मीडिया पर पोस्ट को लेकर छिड़ी बहस

वहीं, कुछ लोगों ने कर्मचारी के कदम का समर्थन किया तो कई यूजर्स ने इसे गलत तरीका बताया.एक यूजर ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अप्रेजल को रिजेक्ट करने के बजाय अपने कौशल को बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए. वहीं दूसरे यूजर का मानना था कि इस तरह का फैसला लेने से पहले कंपनी प्रबंधन के साथ बैठक कर अपनी समस्याओं और अपेक्षाओं पर चर्चा करनी चाहिए.फिलहाल यह पोस्ट सोशल मीडिया पर बहस का विषय बनी हुई है.लोग इसे कर्मचारियों की बढ़ती अपेक्षाओं, महंगाई और कॉर्पोरेट जगत में वेतन वृद्धि की वास्तविकता से जोड़कर देख रहे है.