काम की बात:परिवार के मुखिया की मृत्यु के बाद राशन कार्ड का क्या होता है? जानिए जरूरी नियम
परिवार के मुखिया की मृत्यु होने पर राशन कार्ड रद्द नहीं होता. मृत सदस्य का नाम हटाकर पात्र सदस्य को नया मुखिया बनाया जाता है. जानिए आवेदन की प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज.
टीएनपी डेस्क(TNP DESK):राशन कार्ड उन परिवार के लिए कितना जरूरी है, जो गरीबी रेखा से नीचे आते हैं, यह कहने की बात नहीं है. यह सभी को पता है कि सरकार हर महीने मुफ्त में इन परिवारों को अनाज देती है. लेकिन बहुत से लोगों के मन में राशन कार्ड को लेकर एक सवाल उठता है कि यदि परिवार के मुखिया की मौत हो जाए तो क्या पूरा राशन कार्ड रद्द हो जाता है. यदि आप भी ऐसे लोगों में शामिल हैं, जो इस सवाल का जवाब नहीं जानते हैं और जानना चाहते हैं, तो आपको यह खबर जरूर पढ़नी चाहिए, क्योंकि हम आज इस खबर में बताने वाले हैं कि घर के मुखिया की मौत होने पर राशन कार्ड का क्या होता है.
राशन कार्ड केवल अनाज लेने का जरिया नहीं जरूरी दस्तावेज
आपको बता दें कि राशन कार्ड केवल फ्री में सरकार की ओर से अनाज लेने का ही जरिया नहीं है, बल्कि यह वह दस्तावेज है, जो बहुत सारे जरूरी कामों में मांगा जाता है. किसी भी सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए आपके पास राशन कार्ड का होना बहुत जरूरी है. ऐसे में राशन कार्ड से जुड़ी हर जरूरी जानकारी आपको जरूर होनी चाहिए, जिसमें घर के मुखिया की मौत या मृत्यु के बाद शेष राशन कार्ड का क्या होता है, यह भी जरूरी है. आपको बता दें कि अगर किसी के घर के मुखिया की मौत हो जाती है तो राशन कार्ड का उपयोग करने के लिए रद्द नहीं किया जाता है, बल्कि जिस सदस्य की मौत हुई है, उसके नाम को राशन कार्ड से काट दिया जाता है. वहीं, घर का मुखिया किसी अन्य सदस्य को बनाया जाता है, जो 18 साल से अधिक उम्र का है. महिला को भी मुखिया बना दिया जाता है.
परिवार के मुखिया की मृत्यु के बाद राशन कार्ड का क्या होता है
आपको बता दें कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम(NFSA), 2013 के तहत 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र की सबसे बड़ी महिला को परिवार का मुखिया बनाया जाता है. इसलिए राशन कार्ड में दर्ज पुरुष मुखिया की मृत्यु के बाद परिवार की पात्र वयस्क महिला अगर घर में मौजूद है, तो उसका नाम परिवार के मुखिया के तौर पर अपडेट कर दिया जाता है. राशन कार्ड बंद नहीं किया जाता है. हालांकि, राशन कार्ड में बदलाव की प्रक्रिया और दस्तावेज राज्य सरकार के नियमों के अनुसार अलग हो सकते हैं, क्योंकि राशन कार्ड के लाभार्थियों की पहचान और रिकॉर्ड का प्रबंधन संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश करता है.
पढ़िये कैसे करना होता है आवेदन
अब आपको बता देते हैं कि अगर घर के मुखिया सदस्य की मौत हो चुकी है तो उसके नाम को राशन कार्ड से कैसे हटाया जाता है. तो आपको बता दें कि इसके लिए संबंधित खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में आवेदन देना पड़ता है, जहां मृत्यु प्रमाण पत्र दस्तावेज के रूप में सबसे जरूरी होता है. सरकारी प्रक्रिया में मृत्यु के कारण सदस्य का नाम हटाने और परिवार के मुखिया में बदलाव की सुविधा दी गई है. वहीं, बहुत से लोगों के मन में सवाल उठता है कि क्या नया राशन कार्ड बनवाने की जरूरत पड़ती है. तो आपको बता दें कि हर मामले में ऐसा नहीं होता. अगर परिवार के बाकी सदस्य उसी पते पर रह रहे हैं तो केवल मृत सदस्य का नाम हटाकर उसमें कुछ संशोधन किया जाता है. उदाहरण के तौर पर बिहार के आधिकारिक राशन कार्ड पोर्टल पर पुराने सदस्य का नाम हटाने और राशन कार्ड में संशोधन की सुविधा दी गई है.
इन ज़रूरी दस्तवेज़ों की पड़ती है ज़रूरत
यदि आप राशन कार्ड से मृत सदस्य का नाम कटवाने जाएंगे तो आपको कुछ जरूरी दस्तावेजों की मांग की जाएगी, जिसमें सबसे पहले व्यक्ति का मृत्यु प्रमाण पत्र, मौजूदा राशन कार्ड, परिवार के नए मुखिया का आधार कार्ड, परिवार के सदस्यों की जरूरी पहचान संबंधी जानकारी, मोबाइल नंबर और निर्धारित आवेदन पत्र देना होता है. लेकिन आपको सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली बात यह है कि यहां पर कोई भी गलत डॉक्यूमेंट या गलत जानकारी नहीं देनी है, वरना आपको बड़ी परेशानी हो सकती है. सिर्फ परिवार के मुखिया की मृत्यु होने से परिवार के अन्य पात्र सदस्यों का राशन बंद नहीं किया जाता है. केंद्र सरकार के अनुसार लाभार्थियों के रिकॉर्ड में मृत्यु के कारण मृत व्यक्ति को हटाने और पात्र सदस्यों को बनाए रखने की प्रक्रिया होती है. इसलिए अगर परिवार के मुखिया की मौत होती है तो राशन कार्ड बंद नहीं होता है.