मास्टर साहब लड़कियों के साथ नग्न होकर कर रहे थे तैराकी, वायरल वीडियो से मचा बवाल
राजस्थान के अलवर में सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल का छात्राओं के साथ बांध में नहाने का वीडियो वायरल होने से हड़कंप मच गया. शिक्षा विभाग ने प्रधानाचार्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.
टीएनपी डेस्क (TNP DESK): शिक्षक को सर्वोच्च स्थान दिया गया है. पर क्या आपने कभी ये सोचा है की वही शिक्षक जब अपनी मर्यादा भूल जाए तो वैसी स्थिति में आपके बच्चे कितने सुरक्षित रहेंगे. ऐसा ही एक मामला इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है जहां एक शिक्षक नग्न होकर कुछ छात्राओं के साथ तालाब में नहाते हुए नजर आ रहे हैं.
मामला राजस्थान के अलवर जिले के सरकारी स्कूल से जुड़ा है जहां बच्चों की सुरक्षा और शिक्षक के अमर्यादित व्यवहार को लेकर जमकर बवाल मचा है. दरअसल थानागाजी क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया. वायरल वीडियो में प्रधानाचार्य छात्राओं के साथ बांध के पानी में बिना कपड़ों के नहाते नजर आ रहे हैं. मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों ने आपत्ति जताई और पुलिस को इसकी सूचना दी. शिक्षा विभाग ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रिंसिपल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.
मामला 15 अगस्त का बताया जा रहा है. स्कूल में स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम आयोजित किया गया था. कार्यक्रम समाप्त होने के बाद प्रिंसिपल के नेतृत्व में छात्र-छात्राओं को स्कूल से करीब दो किलोमीटर दूर भड़ाज बांध ले जाने की बात सामने आई है. बताया गया कि बच्चों को भ्रमण कराने और तैराकी सिखाने के उद्देश्य से उन्हें बांध तक ले जाया गया था. जानकारी के मुताबिक, वहां करीब 20 से 25 छात्राएं भी मौजूद थीं.
इस घटना के सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठ रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि बांध की पाल काफी संकरी है और इसकी चौड़ाई करीब 5 से 6 फीट बताई जाती है. यहां पहले भी डूबने की घटनाएं होने की बात सामने आई है. ग्रामीणों और प्रशासन की ओर से यह भी बताया गया कि लंबे समय से इस स्थान पर जाने को लेकर पाबंदी थी. आरोप है कि बच्चों को बांध के पानी में उतारते समय पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई थी. ग्रामीणों ने दावा किया कि कई बच्चों को तैरना तक नहीं आता था और उनके लिए लाइफ जैकेट जैसी सुरक्षा सामग्री भी उपलब्ध नहीं थी. ऐसे में बच्चों को बांध के पानी में ले जाने के फैसले पर सवाल खड़े हो गए हैं.
पूरे मामले ने उस समय तूल पकड़ा जब बांध पर बनाया गया एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया. वीडियो में स्कूल के प्रिंसिपल छात्राओं के साथ पानी में नजर आ रहे हैं. वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ी और ग्रामीण स्कूल पहुंच गए. इसके बाद पुलिस को मामले की जानकारी दी गई. वीडियो सामने आने के बाद यह सवाल भी उठने लगा कि बच्चों को बांध तक ले जाने की अनुमति किस स्तर पर दी गई थी और उनकी सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए थे. साथ ही प्रधानाचार्य के व्यवहार को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए.
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने प्रधानाचार्य के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की. विभागीय आदेश में वायरल वीडियो का हवाला देते हुए कहा गया कि प्रथम दृष्टया प्रधानाचार्य का आचरण निर्धारित नैतिक मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया. इसी आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय बीकानेर निर्धारित किया गया है. ऐसे में वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस मामले की परिस्थितियों की जांच कर रही है. जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बच्चों को बांध तक किस उद्देश्य से ले जाया गया था, वहां क्या परिस्थितियां थीं और वीडियो में दिखाई दे रही घटना वास्तव में किस संदर्भ में हुई. वहीं अब विभाग ने प्रधानाचार्य को निलंबित कर दिया है.