गर्भवती चाची के इश्क में पागल भतीजा ने की ऐसी हैवानियत, फिर आंगन में ही गाड़ दिया शव
कलयुगी रिश्तों में इंसान मर्यादा तक को भूल चुका है. यह बात हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि कलयुगी दुनिया में चाची भतीजे के रिश्ते को शर्मसार कर दिया है. एक भतीजे ने अपनी ही चाची के साथ प्यार किया, उसके साथ लीव-इन में रहा और बाद में उसे मौत के घाट उतार दिया है.
टीएनपी डेस्क (TNP DESK): कलयुगी रिश्तों में इंसान मर्यादा तक को भूल चुका है. यह बात हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि कलयुगी दुनिया में चाची भतीजे के रिश्ते को शर्मसार कर दिया है. एक भतीजे ने अपनी ही चाची के साथ प्यार किया, उसके साथ लीव-इन में रहा और बाद में उसे मौत के घाट उतार दिया है. पर भतीजे की हैवानियत यहीं नहीं रुकी और चाची को मारने के बाद उसके शव तक को भतीजे ने अपने ही घर के आँगन में गाड़ दिया है.
दरअसल मामला राजस्थान की राजधानी जयपुर के बिंदायका थाना क्षेत्र का है जहां 8 महीने की गर्भवती महिला की हत्या का ऐसा मामला सामने आया है जिसने रिश्तों को तार-तार कर दिया है. पुलिस जांच में आरोप है कि महिला के लिव-इन पार्टनर ने शक के चलते उसकी हत्या कर शव को किराए के मकान के लॉन में दफना दिया. इस वारदात में गर्भ में पल रहे बच्चे की भी मौत हो गई. पुलिस ने आरोपी प्रवेश कुमार उर्फ हग्गू रावत को यूपी बॉर्डर के पास से गिरफ्तार किया है. मामला प्रेस्टीज कॉलोनी का है, जहां किराए के मकान के लॉन से 32 वर्षीय किरण का शव बरामद किया गया. आरोपी प्रवेश और किरण रिश्ते में चाची-भतीजा लगते थे, लेकिन बाद में दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए और जनवरी में दोनों घर छोड़कर साथ रहने लगे. कुछ महीने पहले वे जयपुर पहुंचे और प्रेस्टीज कॉलोनी में किराए का मकान लिया.
दोनों के पास एक ही मोबाइल फोन था. प्रवेश काम पर जाते समय फोन किरण के पास छोड़ जाता था. इसी दौरान उसे शक होने लगा कि किरण किसी दूसरे व्यक्ति से बातचीत करती है. इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था. ऐसे में एक सुबह विवाद बढ़ गया और आरोप है कि प्रवेश ने एक हाथ से किरण का गला दबाया और दूसरे हाथ से उसके मुंह व नाक पर कपड़ा रख दिया. दम घुटने से उसकी मौत हो गई. महिला उस समय करीब 8 महीने की गर्भवती थी.
हत्या के बाद आरोपी ने शव छिपाने की योजना बनाई. उसने मकान के लॉन में गड्ढा खोदा और शव को उसमें दफना दिया. इसके ऊपर करीब दो किलो नमक डालने की बात भी सामने आई है. जांच में यह भी पता चला कि आरोपी ने इंटरनेट और यूट्यूब पर शव के डिकंपोज होने और सबूत मिटाने से जुड़े वीडियो देखे थे. पुलिस को आशंका है कि वारदात के बाद सबूत छिपाने की तैयारी पहले से की गई थी. शव दफनाने के अगले दिन आरोपी ने मकान में ताला लगाया और सामोद बालाजी मंदिर पहुंच गया. इसके बाद वह जयपुर लौटा और फैक्ट्री में सामान्य तरीके से काम करता रहा. घटना के कुछ दिन बाद उसने परिवार को किरण की मौत की जानकारी दी. सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और मकान के लॉन से महिला का शव बरामद किया.
इसी बीच आरोपी को लगा कि वारदात का राज खुल सकता है. वह फैक्ट्री पहुंचा और ठेकेदार से 500 रुपये लेकर वहां से निकल गया. इसके बाद उसने मोबाइल बंद कर लिया और जयपुर से फरार हो गया. पुलिस ने CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से उसका रूट ट्रेस किया. मोबाइल दोबारा एक्टिव होने पर उसकी लोकेशन यूपी बॉर्डर के पास मिली, जहां से पुलिस ने उसे पकड़ लिया. गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने पुलिस को अलग कहानी बताई और दावा किया कि किरण ने आत्महत्या की थी तथा डर के कारण उसने शव को दफना दिया. हालांकि, पुलिस हत्या के एंगल से मामले की जांच कर रही है. आरोपी से पूछताछ के साथ पुलिस वारदात की वजह, घटनाक्रम और सबूत छिपाने की पूरी प्रक्रिया की जांच में जुटी है.