170 साल पुराने मंदिर से बजरंगबली को हटाने में प्रशासन के छूटे पसीने,1 इंच भी नहीं हिली मूर्ति, देखिए फिर क्या हुआ 

यह समाचार आपको बिल्कुल अविश्वसनीय लग सकता है लेकिन यह सच्ची कहानी है और ताजा कहानी है. सड़क चौड़ीकरण को लेकर एक मंदिर को हटाना था जिसमें बजरंगबली विराजते थे‌.

टीएनपी डेस्क:  यह समाचार आपको बिल्कुल अविश्वसनीय लग सकता है लेकिन यह सच्ची कहानी है और ताजा कहानी है. सड़क चौड़ीकरण को लेकर एक मंदिर को हटाना था जिसमें बजरंगबली विराजते थे‌.नगर निगम की टीम मंदिर को हटाने में लग गई मंदिर का बाहरी हिस्सा क्रेन से हथौड़े से तोड़ा गया लेकिन जब बजरंगबली की मूर्ति को हटाने का काम शुरू हुआ तो सभी के पसीने छूटने लगे. बजरंगबली नहीं हटे. क्रेन लगाया गया फिर भी कोई तरकीब काम नहीं आई‌. बजरंगबली डटे रहे. टस से मस नहीं हुए‌.यह देख स्थानीय लोगों को आश्चर्य नहीं हुआ क्योंकि यह मंदिर 170 साल पुराना था. लेकिन प्रशासन की जिद के आगे आम लोग इसका विरोध मुख्य रूप से नहीं कर पा रहे थे‌. इसलिए मंदिर हटाने का या यूं कहें स्थानांतरित करने का कार्यक्रम बनाया गया लेकिन बजरंगबली नहीं हटे. यहाँ  आस्था और विश्वास का जीता जाता होगा उदाहरण सामने देखने को मिला. 

कहां का है यह मामला विस्तार से जानिए 

चलिए हम बताते हैं आपको कि यह मामला कहां का है. महाकाल की नगरी उज्जैन का यह मामला है. यहां बड़ा सराफ में बजरंगबली का 170 साल पुराना मंदिर है. सड़क चौड़ीकरण को लेकर इसे हटाने का कार्यक्रम बनाया गया. नगर निगम इसे हटाकर दूसरे स्थान पर स्थापित करने का कार्यक्रम बनाया. मंदिर के बाहर हिस्से को  क्रेन से हटाने का काम शुरू हुआ और जब मंदिर में बजरंगबली की प्रतिमा को हटाने का प्रयास किया गया तो सभी को यह हैरानी हुई कि बजरंगबली वहां से हटे नहीं. 1 इंच डोले तक नहीं‌.   यह खबर आग की तरफ फैल गई उसके बाद लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई. सभी आश्चर्य कर रहे थे और चर्चा हो रही थी कि बजरंगबली यहां से जाने को तैयार नहीं है.उसके बाद प्रशासन ने राम भक्त हनुमान यानी बजरंगबली जी को मनाना शुरू किया. बैंड बाजे के साथ पूजा अर्चना शुरू हुई. 170 साल पुराने इस मंदिर से जुड़ी घटना का वीडियो और खबर सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही है. स्थानीय लोग इसे आस्था और विश्वास से जोड़कर देख रहे.