पैसों की बारिश कराना चाहता था युवक, अघोरी पूजा में नाबालिग को नग्न कर की हैवानियत, फिर जो हुआ....
महाराष्ट्र के लातूर में पैसों की बारिश कराने के नाम पर 15 साल की नाबालिग को कथित अघोरी पूजा में शामिल करने की साजिश का मामला सामने आया है. पुलिस ने समय रहते नाबालिग को बचा लिया और 15 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है.
टीएनपी डेस्क (TNP DESK): भले ही देश ने खूब तरक्की कर ली है और हर चीज़ का वैज्ञानिक तथ्य भी मौजूद है पर आज के समय में भी समाज के कुछ हिस्से में अंधविश्वास ने अपनी पकड़ इतनी मज़बूक कर राखी है कि लोग तर्क और विज्ञान को नजरअंदाज कर किसी भी दावे पर आसानी से भरोसा कर लेते हैं. कई बार यही अंधविश्वास गंभीर अपराध और शोषण की वजह भी बन जाता है और कई बार हैवानियत की हद तक पार हो जाती है. अंधविश्वास का ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहां पैसों के लालच में व्यक्ति ने तंत्र-मंत्र और झाड़-फूंक का सहारा लिया और फिर ऐसी हैवानियत कर बैठा जिससे इंसानियत भी शर्मसार हो गई है.
मामला महाराष्ट्र के लातूर जिले से जुड़ा है जहां उदगीर इलाके में कथित तौर पर पैसों की बारिश कराने के लालच में 15 साल की नाबालिग लड़की को निशाना बनाने की तैयारी की जा रही थी. आरोप है कि लड़की को नग्न कर कथित अघोरी पूजा और तंत्र-मंत्र की प्रक्रिया में शामिल करने की साजिश रची गई थी. हालांकि, पुलिस की सतर्कता से यह कथित योजना समय रहते नाकाम हो गई और नाबालिग को सुरक्षित बचा लिया गया.
जानकारी के मुताबिक, मामला लातूर-उदगीर रोड पर करडखेल पाटी के पास का बताया जा रहा है. आरोप है कि यहां पैसों की बारिश कराने के नाम पर एक कथित पूजा का आयोजन किया जाना था. इस पूजा में करीब 15 लोगों के शामिल होने की बात सामने आई है. कथित तौर पर लक्ष्मी पूजा के नाम पर नाबालिग लड़की को वहां लाने की तैयारी थी. पुलिस को आशंका है कि पूजा की आड़ में उसके साथ अमानवीय और गैरकानूनी गतिविधि की योजना बनाई गई थी.
पुलिस को मिली भनक, समय रहते बचाई गई नाबालिग
बताया जा रहा है कि कथित पूजा शुरू होने से पहले ही इसकी जानकारी उदगीर ग्रामीण पुलिस को मिल गई. सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हुई और बताए गए स्थान पर पहुंची. पुलिस की कार्रवाई के दौरान नाबालिग को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला गया. अगर समय रहते पुलिस मौके पर नहीं पहुंचती, तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी. पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. इस मामले में महाराष्ट्र के नरबलि एवं अन्य अमानवीय, अनिष्ट और अघोरी प्रथा तथा जादूटोना प्रतिबंधक कानून के तहत कार्रवाई की गई है. इसके अलावा नाबालिग से जुड़े आरोपों को देखते हुए POCSO एक्ट की संबंधित धाराओं में भी केस दर्ज किया गया है.
पैसों की बारिश के लालच में रची गई थी साजिश?
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, कथित पूजा के पीछे पैसों की बारिश कराने का अंधविश्वासी दावा बताया जा रहा है. ऐसे मामलों में लोगों को यह विश्वास दिलाया जाता है कि किसी विशेष तंत्र-मंत्र या पूजा के जरिए अचानक धन प्राप्त किया जा सकता है. इसी तरह के लालच में नाबालिग को कथित अनुष्ठान का हिस्सा बनाने की कोशिश किए जाने का आरोप है. हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस कथित पूजा के पीछे वास्तव में किसका उद्देश्य क्या था और इसमें शामिल लोगों की भूमिका कितनी थी. फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है.
15 लोगों के खिलाफ FIR, नेटवर्क की भी जांच
मामले में कुल 15 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित साजिश में प्रत्येक आरोपी की क्या भूमिका थी. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या आरोपियों का संबंध किसी बड़े अंधविश्वासी या कथित तंत्र-मंत्र नेटवर्क से है. पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं इसी तरह की गतिविधियां पहले भी तो नहीं की गईं. जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि नाबालिग को कथित पूजा में शामिल करने के लिए किस तरह तैयार किया जा रहा था और उसके पीछे कौन लोग मुख्य भूमिका में थे.
अंधविश्वास के खिलाफ फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर अंधविश्वास और कथित काले जादू के नाम पर होने वाली गैरकानूनी गतिविधियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पैसों की लालच में किसी नाबालिग को कथित तांत्रिक अनुष्ठान का हिस्सा बनाने की कोशिश बेहद गंभीर आरोप है. फिलहाल पुलिस की कार्रवाई से नाबालिग को सुरक्षित बचा लिया गया है. अब जांच के जरिए यह सामने आने का इंतजार है कि कथित पूजा की पूरी योजना किसने बनाई थी, इसमें शामिल 15 लोगों की भूमिका क्या थी और क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था. पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले से जुड़े अन्य तथ्य सामने आने की उम्मीद है.