टीएनपी डेस्क(TNP DESK): आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI आज हमारी जिंदगी का हिस्सा बनती जा रही है. फोन से लेकर ऑफिस के काम तक, हर जगह AI का इस्तेमाल बढ़ रहा है. इसी बीच Google DeepMind के CEO डेमिस हसाबिस ने AI के भविष्य को लेकर बड़ा दावा किया है. उनका कहना है कि अगर AI इसी रफ्तार से आगे बढ़ती रही, तो साल 2030 तक AGI यानी आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस हकीकत बन सकती है.
क्या होती है AGI?
आसान भाषा में समझें तो AGI ऐसी AI होगी, जो सिर्फ एक काम करने तक सीमित नहीं रहेगी. यह इंसानों की तरह अलग-अलग चीजें समझ सकेगी, नई चीजें सीख सकेगी और कई तरह के काम खुद कर पाएगी.
अभी जो AI हम इस्तेमाल करते हैं, वह एक खास काम के लिए बनाई जाती है. जैसे सवालों के जवाब देना, फोटो बनाना या किसी भाषा को दूसरी भाषा में बदलना. लेकिन AGI इससे कई कदम आगे होगी.
क्या AI इंसानों की नौकरी छीन लेगी?
AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या आने वाले समय में इंसानों की नौकरियां खतरे में पड़ जाएंगी. इस पर डेमिस हसाबिस का कहना है कि AI को सिर्फ डर की नजर से नहीं देखना चाहिए.
उनके मुताबिक, इंसान हमेशा नई तकनीक के साथ खुद को बदलते आए हैं. जब भी कोई नई तकनीक आई है, उसने कुछ पुराने काम बदले हैं, लेकिन साथ ही नए अवसर भी पैदा किए हैं.
हसाबिस का मानना है कि इंसानों की सबसे बड़ी ताकत उनकी सोचने और नई परिस्थितियों के हिसाब से खुद को ढालने की क्षमता है. यही वजह है कि AI के आने के बाद भी इंसानों की भूमिका खत्म नहीं होगी.
भविष्य में किन लोगों की मांग बढ़ेगी?
डेमिस हसाबिस के मुताबिक, आने वाले समय में सिर्फ डिग्री या तकनीकी जानकारी होना काफी नहीं होगा. ऐसे लोगों की जरूरत ज्यादा होगी, जो अलग तरीके से सोच सकें और नई समस्याओं का हल निकाल सकें.
उन्होंने बताया कि भविष्य में इन स्किल्स की मांग सबसे ज्यादा होगी.
• क्रिएटिव सोच.
• नए और अलग आइडिया.
• डिजाइन की समझ.
• मुश्किल समस्याओं को हल करने की क्षमता.
यानी AI चाहे कितनी भी स्मार्ट हो जाए, लेकिन इंसानों की रचनात्मक सोच और नए विचारों की जरूरत हमेशा बनी रहेगी.
AGI कब आएगी, इस पर एक्सपर्ट्स की अलग-अलग राय
हालांकि AGI को लेकर सभी विशेषज्ञ एकमत नहीं हैं. कुछ लोगों का मानना है कि इंसानों जैसी AI अगले कुछ सालों में संभव हो सकती है. वहीं कुछ विशेषज्ञ कहते हैं कि मौजूदा AI तकनीक अभी उस स्तर तक पहुंचने से काफी दूर है.
इसलिए 2030 तक AGI आने का दावा फिलहाल एक अनुमान है, कोई पक्की तारीख नहीं.
AI के लिए बनाए जाने चाहिए सख्त नियम
डेमिस हसाबिस ने AI के सुरक्षित इस्तेमाल पर भी जोर दिया है. उनका कहना है कि जैसे-जैसे AI ज्यादा ताकतवर होती जाएगी, वैसे-वैसे इसके लिए नियम बनाना भी जरूरी होगा.
उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े AI मॉडल को लोगों के इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराने से पहले उसकी सुरक्षा और संभावित खतरों की जांच होनी चाहिए.
आने वाले समय में AI दुनिया को काफी बदल सकती है. लेकिन इसका फायदा तभी मिलेगा, जब इंसान इसे सही तरीके और जिम्मेदारी के साथ इस्तेमाल करेंगे.
