टीएनपी डेस्क(TNP DESK): पहले दिन पदक से चूकने के बाद आखिरकार ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का खाता खुल गया है. पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने पुरुष हेवीवेट वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देश को पहला पदक दिलाया. झंडू ने अपनी सबसे बेहतरीन 190 किलोग्राम की लिफ्ट के दम पर 130.9 अंक हासिल किए और पोडियम पर जगह बनाई. उनकी इस उपलब्धि ने पूरे देश को गर्व का मौका दिया है.
सब्जी बेचने से कॉमनवेल्थ मेडल तक का सफर
झंडू कुमार की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है. बचपन में पोलियो की वजह से उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा. घर की आर्थिक हालत भी अच्छी नहीं थी. परिवार का सहारा बनने के लिए उन्होंने पिता के साथ सड़क किनारे आलू और प्याज बेचे. कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने ई-रिक्शा चलाकर परिवार का खर्च उठाया. लेकिन इन चुनौतियों के बीच भी उन्होंने अपने खेल का सपना नहीं छोड़ा. आज वही संघर्ष उन्हें कॉमनवेल्थ गेम्स के मेडल तक लेकर आया.

ई-रिक्शा बेचकर खेला टूर्नामेंट, वहीं से बदली जिंदगी
साल 2023 झंडू की जिंदगी का सबसे अहम मोड़ साबित हुआ. नेशनल चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए उनके पास पैसे नहीं थे. उन्होंने अपना ई-रिक्शा बेच दिया ताकि प्रतियोगिता तक पहुंच सकें. उस समय वह कोई सफल लिफ्ट नहीं लगा पाए, लेकिन उनकी मेहनत और जज्बे ने पैरालिंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट राजिंदर सिंह राहेलू का ध्यान खींच लिया. इसके बाद उन्हें भारतीय खेल प्राधिकरण यानी SAI सेंटर में ट्रेनिंग का मौका मिला. यहीं से उनका करियर नई रफ्तार पकड़ गया.
ऐसे जीता भारत के लिए पहला मेडल
पुरुष हेवीवेट वर्ग में झंडू ने पहले प्रयास में 181 किलोग्राम और दूसरे प्रयास में 190 किलोग्राम वजन उठाया. इ
सी प्रदर्शन के दम पर उन्होंने 130.9 अंक जुटाए. तीसरे प्रयास में उन्होंने 196 किलोग्राम वजन उठाकर बर्मिंघम 2022 का रिकॉर्ड तोड़ने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके. इसके बावजूद उनका स्कोर ब्रॉन्ज मेडल जीतने के लिए काफी रहा. इस स्पर्धा में नाइजीरिया के रिलुवान इदरीस ने गोल्ड और इंग्लैंड के मैथ्यू हार्डिंग ने सिल्वर मेडल जीता.
दूसरे खिलाड़ियों ने भी दिखाया दम
पैरा पावरलिफ्टिंग में भारत के सुधीर 183 किलोग्राम की लिफ्ट के साथ छठे स्थान पर रहे. वहीं महिला हेवीवेट वर्ग में कस्तूरी राजामणि अपने तीनों प्रयासों में सफल लिफ्ट नहीं कर सकीं. इससे पहले पुरुष और महिला लाइटवेट वर्ग में भी भारतीय खिलाड़ी पदक जीतने से चूक गए थे.
बॉक्सिंग और लॉन बॉल्स से भी आई अच्छी खबर
भारत के युवा मुक्केबाज जादुमणि सिंह ने अपने पहले मुकाबले में शानदार जीत दर्ज की. उन्होंने स्कॉटलैंड के आरोन कुलेन को 5-0 से हराकर राउंड ऑफ-16 में जगह बना ली. पांचों जजों ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया.
वहीं लॉन बॉल्स में पुतुल सोनोवाल का शानदार प्रदर्शन जारी है. उन्होंने लगातार दूसरा मुकाबला जीतकर अगले दौर की उम्मीदें मजबूत कर दी हैं. महिला पेयर्स में रूपा रानी तिर्की और पिंकी सिंह की जोड़ी भी जीत हासिल कर चुकी है.
तीसरे दिन भारत की नजर और मेडल पर
पहला मेडल मिलने के बाद अब भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ गया है. तीसरे दिन जिम्नास्टिक्स, बॉक्सिंग, लॉन बॉल्स, व्हीलचेयर बास्केटबॉल और स्विमिंग में भारत के खिलाड़ी मैदान में उतरेंगे. महिला जिम्नास्टिक्स टीम फाइनल में चुनौती पेश करेगी, जबकि बॉक्सिंग में सचिन सिवाच, परवीन हुड्डा, अरुंधति चौधरी और अंकुश जैसे खिलाड़ी अपने मुकाबले खेलेंगे. भारतीय खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि झंडू कुमार के ब्रॉन्ज के बाद अब देश के खाते में कई और मेडल जुड़ेंगे.
