टीएनपी डेस्क(TNP DESK): FIFA World Cup 2026 के नॉकआउट स्टेज की शुरुआत बेहद रोमांचक अंदाज में हुई, जहां पहले ही मुकाबले ने फुटबॉल फैंस का भरपूर मनोरंजन किया. रविवार को खेले गए राउंड ऑफ 32 के मैच में कनाडा ने दक्षिण अफ्रीका को 1-0 से हराकर शानदार जीत दर्ज की और अंतिम-16 में अपनी जगह पक्की कर ली. यह मुकाबला शुरुआत से ही काफी मजेदार रहा. दोनों टीमों ने तेज गति से खेल की शुरुआत की और शुरुआती मिनटों में ही गोल करने की कोशिशें शुरू हो गईं. कनाडा ने पूरे मैच के दौरान गेंद पर बेहतर नियंत्रण बनाए रखा और मिडफील्ड में शानदार तालमेल दिखाया, जबकि दक्षिण अफ्रीका जवाबी हमलों के सहारे वापसी की कोशिश करती रही. पहले हाफ में दोनों टीमों को कुछ अच्छे मौके मिले, लेकिन कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी. दूसरे हाफ में कनाडा ने अपनी रणनीति में बदलाव किया और लगातार आक्रामक दबाव बनाते हुए आखिरकार निर्णायक गोल दाग दिया. इसके बाद दक्षिण अफ्रीका ने बराबरी के लिए पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन कनाडा के मजबूत डिफेंस और गोलकीपर ने कोई मौका नहीं दिया. निर्धारित समय समाप्त होने तक स्कोर 1-0 ही रहा और कनाडा ने जीत अपने नाम कर ली.
अगर इस मुकाबले में दोनों टीमों के प्रदर्शन को कम्पेर की जाए तो कनाडा हर विभाग में दक्षिण अफ्रीका से अधिक संतुलित और मजबूत दिखाई दी. टीम के खिलाड़ियों ने पासिंग, बॉल पजेशन और डिफेंस में बेहतरीन तालमेल दिखाया. खासकर मिडफील्ड ने पूरे मैच की गति को नियंत्रित रखा और विपक्षी टीम को खुलकर खेलने का अवसर नहीं दिया. दूसरी ओर दक्षिण अफ्रीका ने संघर्ष तो किया, लेकिन उसके आक्रमण में धार की कमी साफ नजर आई. टीम कई बार कनाडा के गोलपोस्ट तक पहुंची, लेकिन अंतिम क्षणों में फिनिशिंग की कमजोरी के कारण गोल नहीं कर सकी. यही कारण रहा कि पूरे मुकाबले में कनाडा का पलड़ा भारी रहा और उसने अपने शानदार खेल के दम पर जीत हासिल कर ली.
हालांकि नॉकआउट स्टेज का यह केवल पहला मुकाबला था, लेकिन इससे यह साफ हो गया कि इस विश्व कप में किसी भी टीम को हल्के में नहीं लिया जा सकता. कनाडा ने जिस आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ खेल दिखाया, उसने बाकी दावेदार टीमों को भी सतर्क कर दिया है. दूसरी ओर ग्रुप स्टेज के प्रदर्शन को देखें तो अर्जेंटीना, ब्राजील, फ्रांस, जर्मनी, स्पेन, इंग्लैंड और पुर्तगाल जैसी टीमें अब भी खिताब जीतने की सबसे बड़ी दावेदार मानी जा रही हैं. इन टीमों के पास अनुभवी खिलाड़ी, मजबूत डिफेंस, तेज आक्रमण और बड़े मैचों का अनुभव है, जो नॉकआउट मुकाबलों में बेहद महत्वपूर्ण साबित होता है. फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले मुकाबलों में इन्हीं बड़ी टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है, लेकिन कनाडा जैसी टीमों का प्रदर्शन यह संकेत दे रहा है कि इस बार टूर्नामेंट में बड़े उलटफेर भी संभव हैं. अब सभी फुटबॉल प्रेमियों की नजर अगले नॉकआउट मुकाबलों पर है, जहां कई दिग्गज टीमें मैदान में उतरेंगी और विश्व कप की ट्रॉफी की ओर एक और कदम बढ़ाने की कोशिश करेंगी.
