क्या कभी टूट पाएंगे फीफा विश्व कप के ये रिकॉर्ड, जानिए किन दो खिलाड़ियों ने रचा था इतिहास

क्या कभी टूट पाएंगे फीफा विश्व कप के ये रिकॉर्ड, जानिए किन दो खिलाड़ियों ने रचा था इतिहास

TNP DESK: फुटबॉल दुनिया का सबसे लोकप्रिय खेल माना जाता है और फीफा विश्व कप इसकी सबसे बड़ी प्रतियोगिता है. हर चार साल में आयोजित होने वाले इस टूर्नामेंट में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं. विश्व कप के इतिहास में कई रिकॉर्ड बने और टूटे हैं, लेकिन कुछ उपलब्धियां ऐसी हैं जिन्हें आज भी अटूट माना जाता है. इनमें जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोज़े और ब्राजील के महान खिलाड़ी पेले के रिकॉर्ड सबसे खास हैं. फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि इन रिकॉर्ड्स को तोड़ना आने वाले वर्षों में बेहद मुश्किल होगा.

मिरोस्लाव क्लोज़े का 16 विश्व कप गोलों का रिकॉर्ड

जर्मनी के पूर्व स्ट्राइकर मिरोस्लाव क्लोज़े फीफा विश्व कप इतिहास के सबसे सफल गोल स्कोरर हैं. उन्होंने 2002, 2006, 2010 और 2014 विश्व कप में हिस्सा लिया और कुल 16 गोल दागे. क्लोज़े ने यह उपलब्धि हासिल करने के लिए लगातार चार विश्व कप में शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने ब्राजील के दिग्गज रोनाल्डो के 15 गोलों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़कर नया इतिहास रचा था.

आधुनिक फुटबॉल में खिलाड़ियों के लिए लंबे समय तक फिट रहना और लगातार चार विश्व कप खेलना आसान नहीं है. इसके अलावा विश्व कप में हर मैच बेहद प्रतिस्पर्धी होता है, जहां गोल करना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी चुनौती होती है. यही कारण है कि क्लोज़े का रिकॉर्ड आज भी सुरक्षित नजर आता है.

पेले का तीन बार विश्व कप जीतने का रिकॉर्ड

ब्राजील के महान फुटबॉलर पेले को फुटबॉल इतिहास का सबसे महान खिलाड़ियों में गिना जाता है. उन्होंने अपने करियर में तीन बार फीफा विश्व कप जीतने का अनोखा कारनामा किया. पेले 1958, 1962 और 1970 में विश्व विजेता ब्राजील टीम का हिस्सा रहे. आज तक कोई भी खिलाड़ी तीन बार विश्व कप जीतने की इस उपलब्धि की बराबरी नहीं कर पाया है.

विश्व कप हर चार साल में होता है, इसलिए किसी खिलाड़ी के लिए इतने लंबे समय तक शीर्ष स्तर पर बने रहना बेहद कठिन है. इसके अलावा विश्व कप जीतने के लिए केवल व्यक्तिगत प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि पूरी टीम का सर्वश्रेष्ठ खेल भी जरूरी होता है. यही वजह है कि पेले का यह रिकॉर्ड फुटबॉल इतिहास के सबसे महान रिकॉर्ड्स में शामिल है.

फुटबॉल के बदलते दौर में नए सितारे लगातार उभर रहे हैं, लेकिन मिरोस्लाव क्लोज़े और पेले द्वारा बनाए गए ये रिकॉर्ड आज भी अडिग खड़े हैं. यही कारण है कि इन्हें फीफा विश्व कप इतिहास के सबसे मुश्किल और लगभग अटूट रिकॉर्ड्स में गिना जाता है.