TNP DESK:भारत और श्रीलंका के बीच गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में टीम इंडिया ने मेजबान टीम के सामने जीत के लिए 372 रनों का लक्ष्य रखा है. भारतीय टीम अपनी दूसरी पारी में 193 रन बनाकर ऑलआउट हो गई. दूसरी पारी में ऋषभ पंत ने सबसे ज्यादा 66 रन बनाए, जबकि देवदत्त पडिक्कल ने 44 और केएल राहुल ने 35 रनों का योगदान दिया. हालांकि, दूसरी पारी में बड़ा स्कोर बनाने से चूकने के बावजूद पडिक्कल ने पूरे मैच में शानदार बल्लेबाजी की और एक खास भारतीय रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच गए.
5 रन से रिकॉर्ड बनाने से चूके पडिक्कल
देवदत्त पडिक्कल के पास श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट मैच में भारतीय नंबर-3 बल्लेबाज के तौर पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले राहुल द्रविड़ का रिकॉर्ड तोड़ने का मौका था. पडिक्कल ने मुकाबले की पहली पारी में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 230 गेंदों का सामना किया और 167 रन की बेहतरीन पारी खेली. इसके बाद दूसरी पारी में भी उन्होंने 75 गेंदों पर 44 रन बनाए.
दोनों पारियों को मिलाकर पडिक्कल के खाते में कुल 211 रन आए. वह द्रविड़ के रिकॉर्ड से केवल पांच रन दूर रह गए. राहुल द्रविड़ ने 2009 में अहमदाबाद में श्रीलंका के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैच में नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए दोनों पारियों में कुल 215 रन बनाए थे. द्रविड़ ने उस मुकाबले की पहली पारी में 177 रन और दूसरी पारी में 38 रन बनाए थे.
पडिक्कल दूसरी पारी में 44 रन के स्कोर पर केशरा नुवान्था की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट हुए. अगर वह पांच रन और बना लेते, तो श्रीलंका के खिलाफ नंबर-3 पर एक टेस्ट में सर्वाधिक रन बनाने के द्रविड़ के रिकॉर्ड को अपने नाम कर सकते थे.

भारत ने पहली पारी में बनाया था बड़ा स्कोर
इससे पहले भारतीय टीम ने पहली पारी में 462 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया था. टीम इंडिया की बल्लेबाजी ने श्रीलंका पर शुरुआत से ही दबाव बनाया. इसके जवाब में मेजबान टीम की पारी 284 रन पर समाप्त हो गई. इस तरह भारत को पहली पारी के आधार पर 178 रन की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल हुई.
श्रीलंका की ओर से सोनल दिनुषा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपने टेस्ट करियर का पहला शतक लगाया. उन्होंने निरोशन डिकवेला के साथ मिलकर छठे विकेट के लिए 146 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की. इस साझेदारी के कारण श्रीलंकाई टीम लंबे समय तक भारतीय गेंदबाजों का सामना करती रही. डिकवेला ने भी 80 रन की उपयोगी पारी खेली, लेकिन प्रसिद्ध कृष्णा ने उन्हें आउट कर इस साझेदारी को तोड़ दिया.
इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने मुकाबले पर फिर से पकड़ मजबूत कर ली. मानव सुथार ने चार विकेट हासिल किए, जबकि रवींद्र जडेजा को तीन सफलताएं मिलीं. दोनों गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत श्रीलंका की पहली पारी को 284 रन पर समेटने में सफल रहा.

दूसरी पारी में 193 रन पर सिमटा भारत
178 रनों की बढ़त मिलने के बाद भारतीय टीम दूसरी पारी में बड़ा स्कोर खड़ा करके श्रीलंका के सामने मुश्किल लक्ष्य रखना चाहती थी. हालांकि, पूरी टीम 193 रन पर आउट हो गई. ऋषभ पंत ने 66 रनों की अहम पारी खेलकर टीम के स्कोर को संभाला. उनके अलावा पडिक्कल ने 44 और केएल राहुल ने 35 रन बनाए. इन तीन बल्लेबाजों को छोड़कर भारतीय टीम का कोई अन्य बल्लेबाज दूसरी पारी में 10 रन का आंकड़ा पार नहीं कर सका.
श्रीलंका की गेंदबाजी में असिथा फर्नांडो सबसे प्रभावी रहे. उन्होंने सिर्फ 9 ओवर की गेंदबाजी में भारत के चार बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा. प्रभात जयसूर्या ने तीन विकेट हासिल किए, जबकि लाहिरू कुमारा को दो और केशरा नुवान्था को एक विकेट मिला.

भारत ने दूसरी पारी में 193 रन बनाए और पहली पारी की बढ़त के साथ उसकी कुल बढ़त 371 रन हो गई. इसके आधार पर श्रीलंका को मुकाबला जीतने के लिए 372 रन बनाने होंगे. अब मैच का रुख श्रीलंका की दूसरी पारी पर निर्भर करेगा. भारतीय गेंदबाजों के पास इस लक्ष्य का बचाव कर टीम को टेस्ट मैच में जीत दिलाने का मौका है, जबकि श्रीलंका के सामने 372 रन का बड़ा लक्ष्य हासिल करने की चुनौती है.

