धोनी के बाद झारखंड का एक और लाल दिखाएगा अपना कमाल, जानिए न्यूजीलैंड दौरे में सलेक्ट होने वाले कौन हैं कुमार कुशाग्र

कुमार कुशाग्र को न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की वनडे सीरीज के आखिरी दो मुकाबलों के लिए भारतीय टीम में जगह मिली है. यह उनके करियर का पहला राष्ट्रीय बुलावा है.2024 में दिल्ली कैपिटल्स ने कुशाग्र को 7.2 करोड़ रुपये में खरीदा था.

धोनी के बाद झारखंड का एक और लाल दिखाएगा अपना कमाल, जानिए न्यूजीलैंड दौरे में सलेक्ट होने वाले कौन हैं कुमार कुशाग्र

टीएनपी डेस्क(TNP DESK): कहते है बड़े सपने देखो और उसके लिए जी-तोड़ मेहनत करो तो वो सपना एक दिन हकीकत में तब्दील जरूर होती हैं और ऐसी ही कहानी झारखंड के उभरते हुए सितारे कुमार कुशाग्र की है जिन्होंने महज़ 21 साल की उम्र में जो कर दिखाया है वो सबके बस की बात नहीं है, क्योंकि महज़ 21 साल में अगर किसी छोटे से जगह के लड़के का सिलेक्शन भारतीय क्रिकेट टीम में बतौर विकेटकीपर-बल्लेबाज होता है तो वो खुद में ही बड़ी बात है, लेकिन कुशाग्र का ये सफर इतना भी आसान नहीं था. इसके पीछे सालों की मेहनत और क्रिकेट के लिए लगन छुपी हुई है.

घर से मिली क्रिकेट की पहली सीख

कुशाग्र के पिता शशिकांत GST विभाग में जिला आयुक्त हैं. उन्होंने खुद क्रिकेट नहीं खेला, लेकिन बेटे के सपने को पूरा करने में कोई कमी नहीं छोड़ी. उन्होंने क्रिकेट से जुड़ी किताबें खरीदीं और घर की दीवारों पर अच्छे शॉट खेलने वाले खिलाड़ियों की तस्वीरें लगाईं. घर का यही माहौल कुशाग्र को खेल के करीब ले गया.

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से प्रेरित होकर उन्होंने महज 10 साल की उम्र में विकेटकीपिंग शुरू कर दी थी. उनकी प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 15 साल की उम्र में उनका चयन 2020 अंडर-19 विश्व कप के लिए भारतीय टीम में हुआ था.

17 साल की उम्र में बनाया रिकॉर्ड

कुशाग्र को असली पहचान 2022 में रणजी ट्रॉफी के दौरान मिली. नागालैंड के खिलाफ उन्होंने 266 रनों की शानदार पारी खेली. उस समय उनकी उम्र सिर्फ 17 साल और 141 दिन थी. इस पारी ने उन्हें क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बना दिया.

इसके बाद देवधर ट्रॉफी में भी उन्होंने अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा. कुशाग्र बल्लेबाजी क्रम में अलग-अलग जगह खेल सकते हैं और जरूरत के हिसाब से तेजी से रन बनाने के साथ पारी को संभालने की क्षमता भी रखते हैं.

आईपीएल में मिला बड़ा मौका, फिर की वापसी

2024 में दिल्ली कैपिटल्स ने कुशाग्र को 7.2 करोड़ रुपये में खरीदा. हालांकि, इस सीजन में उन्हें ज्यादा सफलता नहीं मिली और चार मैचों में वह सिर्फ तीन रन बना सके. बाद में गुजरात टाइटंस ने उन्हें अपनी टीम में शामिल किया.

असफलता के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी. घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन से उन्होंने अपनी काबिलियत साबित की.

डोमेस्टिक क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन का मिला इनाम

2025-26 के डोमेस्टिक सेशन में कुशाग्र ने झारखंड को पहली बार सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जिताने में अहम भूमिका निभाई. फाइनल में उन्होंने 38 गेंदों पर 81 रन बनाए. रणजी ट्रॉफी में भी उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की. इसके बाद दलीप ट्रॉफी के फाइनल और भारत ए के लिए खेलते हुए शतक लगाकर उन्होंने अपनी दावेदारी मजबूत की.

अब टीम इंडिया में जगह मिलने के बाद कुशाग्र के सामने खुद को साबित करने का नया मौका है. झारखंड के इस युवा खिलाड़ी से क्रिकेट प्रेमियों को काफी उम्मीदें हैं. अब देखना ये रहेगा की न्यूजीलैंड के खिलाफ कुशाग्र का कैसा प्रदर्शन रहता है.