टीएनपी डेस्क(TNP DESK): क्रिकेट के 'होम ऑफ क्रिकेट' कहे जाने वाले 142 साल पुराने ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर पहली बार भारतीय महिला क्रिकेट टीम टेस्ट मैच खेलने उतरेगी. इंग्लैंड के खिलाफ होने वाला यह मुकाबला भारतीय महिला क्रिकेट के लिए बेहद खास और ऐतिहासिक माना जा रहा है. हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम इंडिया के पास न सिर्फ लॉर्ड्स में जीत दर्ज कर इतिहास रचने का मौका है, बल्कि टी20 विश्व कप में मिली निराशा को पीछे छोड़ नए आत्मविश्वास के साथ नई शुरुआत करने का भी सुनहरा अवसर होगा.
टी20 विश्व कप में उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाने के बाद भारतीय टीम को इस टेस्ट मुकाबले की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिला. इंग्लैंड पहुंचने के बाद खिलाड़ियों ने वॉर्मस्ले क्रिकेट ग्राउंड पर कई दिनों तक जमकर अभ्यास किया और वहां की परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने पर विशेष ध्यान दिया. टीम ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग के हर पहलू पर मेहनत की, ताकि इस ऐतिहासिक मुकाबले में कोई कमी न रह जाए.
भारतीय महिला टीम के कोच अमोल मजूमदार ने कहा कि पूरी टीम लॉर्ड्स में टेस्ट खेलने को लेकर बेहद उत्साहित है. उनके मुताबिक किसी भी क्रिकेटर के लिए लॉर्ड्स में टेस्ट खेलना सपने के सच होने जैसा होता है. उन्होंने विश्वास जताया कि खिलाड़ी इस मौके का पूरा फायदा उठाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देंगे.
भारतीय टीम की बल्लेबाजी की जिम्मेदारी एक बार फिर सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा के कंधों पर होगी. दोनों ने पिछले टेस्ट मुकाबलों में टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई थी और इस बार भी उनसे बड़ी साझेदारी की उम्मीद रहेगी. मिडिल ऑर्डर में कप्तान हरमनप्रीत कौर, जेमिमा रोड्रिग्स, ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा और विकेटकीपर ऋचा घोष टीम की बल्लेबाजी को मजबूती देंगी. वहीं चोट के कारण प्रतिका रावल इस मुकाबले का हिस्सा नहीं हैं. उनकी जगह अनुभवी बल्लेबाज प्रिया पूनिया को टीम में शामिल किया गया है.
गेंदबाजी विभाग में रेणुका सिंह ठाकुर, स्नेह राणा और दीप्ति शर्मा टीम की मुख्य जिम्मेदारी संभालेंगी. इसके अलावा हरलीन देयोल, युवा स्पिनर श्री चरणी और तेज गेंदबाज नंदनी शर्मा को टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिल सकता है. युवा खिलाड़ियों के लिए यह मुकाबला अपनी प्रतिभा साबित करने का बेहतरीन अवसर होगा.

अगर दोनों टीमों के पिछले रिकॉर्ड पर नजर डालें तो भारत का पलड़ा मजबूत दिखाई देता है. भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए पिछले चार महिला टेस्ट मैचों में भारतीय टीम ने तीन मुकाबलों में जीत हासिल की है. सबसे दिलचस्प बात यह है कि भारतीय महिला टीम ने अब तक इंग्लैंड की धरती पर कोई भी टेस्ट मैच नहीं गंवाया है. यही रिकॉर्ड खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने का काम करेगा.
हालांकि मेजबान इंग्लैंड की टीम भी पूरी तैयारी के साथ मैदान पर उतरेगी. नेट सिवर-ब्रंट की कप्तानी में खेल रही इंग्लैंड ने अपनी टीम में पांच नए खिलाड़ियों को जगह दी है. इनमें एलिस कैप्सी, टिली कोर्टीन-कोलमैन, मैडी विलियर्स, ग्रेस पॉट्स और एली टी शामिल हैं. वहीं अनुभवी बल्लेबाज टैमी ब्यूमोंट के लिए भी यह मुकाबला यादगार रहेगा, क्योंकि उन्होंने इस टेस्ट के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है.
क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित मैदानों में शामिल लॉर्ड्स पर खेला जाने वाला यह मुकाबला भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास का एक अहम अध्याय बनने जा रहा है. 142 साल पुराने इस ऐतिहासिक मैदान पर पहली बार भारतीय महिला टीम टेस्ट मैच खेलेगी, जिससे यह मुकाबला और भी खास बन गया है. अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी होंगी कि हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में टीम इंडिया इस ऐतिहासिक अवसर को जीत में बदलकर लॉर्ड्स में नया इतिहास रच पाती है या नहीं.
