एशियन चैंपियंस ट्रॉफी: सेमीफाइनल में क्या होगी भारत की रणनीति, किन खिलाड़ियों पर रहेंगी सबकी नजरें?

एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 अब अपने सबसे अहम मोड़ पर पहुंच गई है. बुधवार को मोहाली में भारतीय मेंस हॉकी टीम का मुकाबला दक्षिण कोरिया से होगा. दोनों टीमों के बीच फाइनल में जगह बनाने की लड़ाई होगी. भारत ने लीग स्टेज में अपने सभी पांच मुकाबले जीतकर शानदार प्रदर्शन किया है.

एशियन चैंपियंस ट्रॉफी: सेमीफाइनल में क्या होगी भारत की रणनीति, किन खिलाड़ियों पर रहेंगी सबकी नजरें?

टीएनपी डेस्क(TNP DESK): एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 अब अपने सबसे अहम मोड़ पर पहुंच गई है. बुधवार को मोहाली में भारतीय मेंस हॉकी टीम का मुकाबला दक्षिण कोरिया से होगा. दोनों टीमों के बीच फाइनल में जगह बनाने की लड़ाई होगी. भारत ने लीग स्टेज में अपने सभी पांच मुकाबले जीतकर शानदार प्रदर्शन किया है. इतना ही नहीं, आखिरी लीग मुकाबले में भारत ने दक्षिण कोरिया को 8-0 से हराया था. लेकिन सेमीफाइनल का मुकाबला बिल्कुल अलग होगा. यहां एक छोटी सी गलती भी टीम पर भारी पड़ सकती है.

शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाना होगा

भारतीय टीम की सबसे बड़ी ताकत उसका तेज अटैक और खिलाड़ियों के बीच बेहतर तालमेल है. सेमीफाइनल में भी भारत को इसी रणनीति के साथ उतरना होगा. टीम को शुरुआत से ही गेंद पर बैलन्स बनाकर रखना होगा और कोरियाई डिफेंस पर दबाव बनाना होगा. सुखजीत सिंह और दिलप्रीत सिंह जैसे खिलाड़ी इस जिम्मेदारी को अच्छी तरह निभा सकते हैं. दोनों ने टूर्नामेंट में अब तक चार-चार गोल किए हैं. वहीं अभिषेक की फिटनेस पर भी सबकी नजर रहेगी. चोट के कारण उनका खेलना अभी तय नहीं है. अगर वह मैदान पर नहीं उतरते हैं तो मंदीप सिंह और बाकी फॉरवर्ड खिलाड़ियों को एक्स्ट्रा रिसपोनसबिलिटी उठानी होगी.

डिफेंस में हरमनप्रीत और अमित रोहिदास अहम

अटैक के साथ भारत को अपने डिफेंस पर भी खास ध्यान देना होगा. दक्षिण कोरिया की टीम पेनल्टी कॉर्नर और छोटे-छोटे पास के जरिए वापसी करने की कोशिश कर सकती है. ऐसे में कप्तान हरमनप्रीत सिंह और अमित रोहिदास की भूमिका काफी अहम होगी. दोनों को विपक्षी खिलाड़ियों को गोलपोस्ट के करीब पहुंचने से रोकना होगा. साथ ही पेनल्टी कॉर्नर के दौरान सतर्क रहना होगा. हरमनप्रीत अब तक नौ गोल कर चुके हैं और टूर्नामेंट के सबसे सफल खिलाड़ियों में शामिल हैं.

मिडफील्ड संभालेगा मैच की कमान

मैच का नतीजा काफी हद तक मिडफील्ड पर निर्भर करेगा. हार्दिक सिंह, विवेक सागर प्रसाद और नीलकांत शर्मा को गेंद पर बैलन्स रखते हुए अटैक और डिफेंस के बीच बेहतर तालमेल बनाना होगा. खासकर हार्दिक सिंह की तेजी और पास देने की क्षमता भारत के लिए फायदेमंद हो सकती है.

भारत का पलड़ा भारी, लेकिन कोरिया को हल्के में लेना ठीक नहीं

भारत ने पांच मैचों में 34 गोल किए हैं और सिर्फ पांच गोल खाए हैं. दूसरी ओर दक्षिण कोरिया के लिए पिछली हार से उबरकर वापसी करना बड़ी चुनौती होगी. भारतीय टीम को दूसरे क्वार्टर में होने वाली गलतियों से बचना होगा और पूरे मैच में एक जैसी तेजी बनाए रखनी होगी.

आंकड़ों और मौजूदा फॉर्म को देखें तो भारत का पलड़ा भारी नजर आता है. हालांकि, सेमीफाइनल में जीत के लिए सिर्फ पुराने प्रदर्शन पर भरोसा करना काफी नहीं होगा. अगर भारतीय खिलाड़ी डिसप्लिन्‌, बेहतर तालमेल और सही स्‍ट्रैटजी के साथ खेलते हैं तो टीम के पास फाइनल में पहुंचने का मजबूत मौका है.