सॉरी पापा, माफ कर दीजिएगा! 50 बार कोशिश, फिर भी नहीं मिली नौकरी तो टॉपर छात्र ने उठाया ऐसा कदम कि....
कानपुर में बीटेक गोल्ड मेडलिस्ट 23 वर्षीय छात्र ने सरकारी नौकरी की तैयारी के दौरान लगातार असफलताओं से परेशान होकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने करीब 50 बार प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रयास करने और माता-पिता से माफी मांगने का जिक्र किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
टीएनपी डेस्क(TNP DESK):अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए बच्चे काफी ज्यादा मेहनत करते हैं, ताकि उन्हें अच्छी नौकरी मिल सके और वे पढ़ाई करके अपने जीवन में सेटल हो सकें. लेकिन बार-बार अगर कोई असफलता का सामना कर रहा है, तो उसका मतलब यह नहीं है कि आत्महत्या कर ली जाए, क्योंकि यह किसी भी समस्या का समाधान नहीं है.दरअसल, आज हम इस बारे में बात इसलिए कर रहे है क्योंकि उत्तर प्रदेश के कानपुर से बीटेक के गोल्ड मेडलिस्ट ने सिर्फ इसलिए फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली क्योंकि वह बार-बार प्रतियोगी परीक्षाएं पास करने का प्रयास कर रहा था, लेकिन उसमें सफल नहीं हो पा रहा था. उसके पास से पुलिस ने एक सुसाइड नोट बरामद किया है, जिसने सभी के होश उड़ा दिए है.
सरकारी नौकरी के लिए बार-बार प्रयास करता रहा छात्र
पुलिस ने इस मामले में बताया है कि स्टूडेंट के पास से सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें उसने इस बात का जिक्र किया है कि वह बार-बार प्रतियोगी परीक्षाएं क्लियर करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन बार-बार उसे असफलता ही हाथ लग रही थी, जिससे वह काफी ज्यादा तनाव में था. उसने सुसाइड नोट में अपने माता-पिता से माफी भी मांगी थी और ऐसी बातें लिखी थीं, जिन्हें पढ़कर हर कोई भावुक हो रहा है. उसने सुसाइड नोट में लिखा है, सॉरी मम्मी-पापा, मैंने नौकरी के लिए 50 बार प्रयास किया, एग्जाम दिए, लेकिन फिर भी पास नहीं हो पाया.आपको बता दें कि यह स्टूडेंट पढ़ाई में औसत नहीं था, बल्कि कानपुर का बीटेक गोल्ड मेडलिस्ट था. वह कॉलेज का टॉपर भी था.
कॉलेज का टॉपर था आनंद
स्टूडेंट की उम्र 23 साल बताई जा रही है, जिसका नाम आनंद है. उसका शव गोविंद नगर के गुजैनी इलाके स्थित उसके घर के कमरे में पंखे से लटका हुआ बरामद हुआ है. बताया जा रहा है कि जिस समय युवक ने यह कदम उठाया, उस वक्त वह घर पर अकेला था, जबकि परिवार बड़े भाई अमित की शादी तय करने के लिए बिहार गया हुआ था.इसका खुलासा तब हुआ, जब आनंद के घर में काम करने वाली महिला ने कमरे का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद काम करने वाली महिला ने पड़ोसियों को इसकी सूचना दी. पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला. वहीं, उसके पास पांच पंक्तियों में लिखा एक हस्तलिखित सुसाइड नोट भी मिला.
नौकरी पाने के लिए लगभग 50 बार प्रयास किया
अब तक जो जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक आनंद ने साल 2024 में एक इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी. वह अपने कॉलेज का टॉपर था और पूरे उत्तर प्रदेश में उसकी रैंक तीसरे नंबर पर थी. उसे 13 अगस्त 2024 को कॉलेज के एक दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया था.उसने अपने सुसाइड नोट में लिखा, सॉरी पापा, मैंने सरकारी नौकरी पाने के लिए लगभग 50 बार प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो पाया. कृपया मुझे माफ कर दीजिएगा.जैसे ही माता-पिता को इसकी सूचना मिली, उनके ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. आनंद के पिता राजकुमार ने बताया कि बीटेक करने के बाद उनके बेटे ने एसएससी, बैंक, रेलवे और शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित कई भर्ती परीक्षाओं में हिस्सा लिया था, लेकिन किसी में भी उसे सफलता नहीं मिली, जिसकी वजह से वह काफी तनाव में रहता था.
मामले पर पुलिस ने क्या कहा
वहीं, पूरे मामले में गोविंद नगर थाने के प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार दुबे ने बताया कि कमरे से सुसाइड नोट बरामद हुआ है. शुरुआती जांच में ऐसा लग रहा है कि नौकरी नहीं मिलने के तनाव की वजह से उसने यह कदम उठाया. फिलहाल शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है.